विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक अशोक सिंहल की अस्थियां रविवार को केदारघाट पर विसर्जित कर दी गईं।
इससे पहले अस्थियों के वाराणसी पहुंचने के बाद शहर में कई जगहों पर संत समाज के साथ ही विहिप कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि दी।
विहिप के संयुक्त मंत्री सुरेंद्र जैन ने बताया कि इस मौके पर गोरक्षा, राम मंदिर निर्माण और गंगा स्वच्छता का सभी ने संकल्प लिया।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को चाहिए कि कानून बनाकर राम मंदिर निर्माण कराकर अशोक सिंहल का सपना पूरा करे ।
अस्थि-कलश को लेकर विहिप के संयुक्त मंत्री सुरेंद्र जैन सुबह इंग्लिशिया लाइन कार्यालय पहुंचे। विभिन्न मार्गों से होते हुए अस्सी घाट के पास डुमराव बाग कालोनी पहुंचे।
जहां आयोजित श्रद्धांजलि सभा में सभी ने हिन्दू समाज के लिए अशोक सिंहल ने योगदान को याद किया। शोकसभा में सुमेरू पीठ के स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि सिंघल ने हिंदुत्व के लिए बहुत काम किया।
वह राम मंदिर के निर्माण के लिए अंतिम सांस तक लड़ते रहे। उनकी विचारधारा को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। खास बात यह रही कि अस्थि कलश विसर्जन यात्रा में बीजेपी का कोई भी पदाधिकारी शामिल नहीं हुआ।
श्रद्धांजलि के बाद उनकी अस्थियों को लेकर पदयात्रा करते हुए सभी गंगा किनारे पहुंचे। उसके बाद शहर के प्रसिद्ध शमशान हरिश्चंद्र घाट और केदार घाट के सामने गंगा की मध्य धारा में उनकी अस्थियों को विसर्जित किया गया।