विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने से पहले ही यूपी कॉलेज के ट्रस्ट और भिनगा नरेश परिवार ने शिक्षा समिति के बजाय उदय प्रताप कॉलेज एंड हीवेट क्षत्रिया स्कूल इंडोमेंट ट्रस्ट से समझौता करने की मांग की। बुधवार को यूपी कॉलेज स्थित प्राचीन छात्र भवन में प्रेसवार्ता कर उन्होंने ये मांग रखी। इस दौरान यूपी कॉलेज के संस्थापक भिनगा राज राजर्षि उदय प्रताप के परपोते व ट्रस्ट के अध्यक्ष मारिघ्नमणि त्रिपाठी ने विश्वविद्यालय का नया नाम भी सुझाया है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का नाम उदय प्रताप क्षत्रिया विश्वविद्यालय हो ताकि इसकी पुरानी पहचान बरकरार रहे। क्योंकि, पहले यह क्षत्रिया कॉलेज के नाम से विख्यात था। वहीं, सारी जमीन और संपत्ति ट्रस्ट के अधिकार में है, इसे समिति ने भी माना है।
मारिघ्नमणि त्रिपाठी कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह ने यूपी कॉलेज को स्वायत्त बनाया था और सीएम योगी आदित्यनाथ इसे विश्वविद्यालय का दर्जा देने के प्रयास को आगे ले जा रहे हैं। उन्होंने मांग रखी कि गवर्निंग बॉडी के चार अंग बनाए जाएं। इसमें कार्यकारिणी के लिए सिंडिकेट, शैक्षणिक संचालन के लिए एकेडमिक काउंसिल, विशिष्ट कोर्स के लिए बोर्ड ऑफ स्टडीज और विरासत की रक्षा के लिए प्राचीन छात्रों की एक परिषद होनी चाहिए।