लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न दिये जाने की घोषणा से काशी के भाजपाइयों में हर्ष का माहौल है। आडवाणी यहां अपना 90वां जन्मदिन मनाने वर्ष 2017 में आए थे। उन्होंने कहा था कि दूर-दूर से लोग काशी के घाटों की छटा निहारने आते हैं।
भाजपा के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न देने का एलान किया गया है। खुद पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर इसकी घोषणा की। आडवाणी का काशी से भी कनेक्शन रहा है। वह आखिरी बार बेटी प्रतिभा के साथ 4 नवंबर 2017 को काशी आए थे। लालकृष्ण आडवाणी ने हिंदी माह के अनुसार अपना 90वां जन्मदिन खिड़किया घाट पर मनाया था। तब उन्होंने काशी की देव दीपावली भी देखी थी। खिड़किया घाट पर उन्होंने 90 दीये जलाये थे।
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दो दिवसीय दौरे पर आए लाल कृष्ण आडवाणी ने उस दौरान कहा था कि जब मैं छोटा था तब अपने दादा-दादी, माता-पिता के साथ काशी आया था। उन्हीं की कृपा से पूरे भारत के तीर्थों का दर्शन कर सका। यहां मैंने अपना जन्मदिन मनाकर काशी के सूर्यास्त और उदय दोनों का दर्शन कर अपने जीवन को धन्य कर लिया।
उनका कहना था कि दूर-दूर से लोग काशी के घाटों की छटा निहारने आते हैं। जो नहीं आ पाते वह यू-ट्यूब और अन्य माध्यमों से घाटों का दर्शन करते हैं। काशी के घाटों की आध्यात्मिक ऊर्जा है, अपने आप लोगों को अपनी ओर खींचती है।
आडवाणी को भारत रत्न देने से संतो में खुशी
लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न देने से संतो में खुशी है। अखिल भारतीय संत समिति के महमंत्री स्वामी जितेन्द्रानंद ने कहा आडवाणी ने पालमपुर के अधिवेशन में राम मंदिर का राजनैतिक संकल्प का शंखनाद किया। कहा सरकार ने राष्ट्रनायक का सम्मान किया है। 2 से 86 और 86 से 119 सीट लेकर सत्ता तक लालकृष्ण आडवाणी ने पहुंचाया।