भैरव तंत्रोक्त के अनुसार यज्ञ स्थल पर आठ दिशाओं में नौ-नौ फीट के अष्ट भैरव स्थापित होंगे और मंच पर स्वर्णाकर्षण भैरव विराजमान होंगे। गृहस्थों के लिए भैरव का शांत और सपत्नीक स्वरूप स्थापित किया जा रहा है। काशीवासियों के लिए आयोजन स्थल पर राजशाही भंडारे का भी प्रबंध किया गया है।
काशी कोतवाल भैरव उत्सव की पहली संध्या में नौ नवंबर को हर-हर शंभू फेम अभिलिप्सा पंडा, 10 नवंबर को हेमंत बृजवासी, 12 नवंबर को हंसराज रघुवंशी, 14 नवंबर को मैथिली ठाकुर, 15 नवंबर को उस्मान मीर और 16 नवंबर को कैलाश पीयूषा की संगीतमय प्रस्तुतियां होंगी। 11 नवंबर को नाट्य मंचन तथा 13 नवंबर को अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन में हास्य कवि पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा, डॉ. हरिओम पवार, अरूण जैमिनी, शशिकांत यादव, शंभू शिखर व गौरव शर्मा अपनी रचनाएं प्रस्तुत करेंगे।