भाई दूज के पर्व पर बहनों ने अपने भाइयों की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखकर पूजन किया। परंपरा के अनुसार बहनों ने गोबर से आंगन में बिछू, नदी, सूर्य, चंद्रमा, तुलसी का पौधा, सांप, भेड़, शेर और चूल्हा आदि आकृतियां बनाकर उसकी विधि-विधान से पूजा की।
इसके बाद भाइयों की रूई पर 'आयु' बनाकर उनकी दीर्घायु की कामना की। माना जाता है कि यह व्रत भाइयों की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए किया जाता है।