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यूपीः चौरहटा नरसंहार में छह दोषियों को उम्रकैद, एक ही परिवार के पांच लोगों की हुई थी हत्या

Thu, 22 Nov 2018 07:57 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,भदोही
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भदोही जिला एवं सत्र न्यायालय फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पांच लोगों की सामूहिक हत्या और दुष्कर्म के मामले में छह दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। नौ साल पहले ऊंज थानाक्षेत्र के चौरहटा गांव में हुई वारदात में कोर्ट ने बृहस्पतिवार को फैसला सुनाया। 
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सितंबर 2009 में ऊंज थानाक्षेत्र के सोबरी (चौरहटा) गांव में एक ही परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या कर दी गई थी। इस दौरान महिलाओं के साथ दुष्कर्म भी किया गया। अभियोजन पक्ष के अनुसार पांच सितंबर 2009 को ऊंज थानाक्षेत्र के सोबरी (चौरहटा) गांव के ग्राम चौकीदार ने पुलिस को तहरीर देकर कहा था कि उसके गांव में संगम लाल उर्फ गामा गुप्ता, उनकी पत्नी सावित्री देवी, लड़कियों अनीता, रानी और नातिन गुड़िया की अज्ञात लोगों ने गला काटकर हत्या कर दी है।

पुलिस ने धर्मेंद्र कुमार बिंद, विजय कुमार गुप्ता, प्रेमशंकर उपाध्याय, चंद्रप्रकाश पांडेय, श्यामदेव विश्वकर्मा, गुड्डू मिश्रा, तीर्थराज गुप्ता और केदार मिश्रा के खिलाफ हत्या और बलात्कार समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में भेजा।
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न्यायाधीश अशोक कुमार दूबे की अदालत ने गवाहों के बयान और अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनने के बाद चंद्रप्रकाश पांडेय, धर्मेंद्र बिंद, तीर्थराज गुप्ता, सच्चिदानंद मिश्रा, केदार मिश्रा और प्रेमशंकर उपाध्याय को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष से बहस-पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता रमेश कुमार पांडेय ने की।  
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विधानसभा तक पहुंची थी इस हत्याकांड की गूंज

भदोही जिले के ऊंज थानाक्षेत्र के सोबरी (चौरहटा) गांव में सितंबर 2009 में अबोध मासूम समेत पांच लोगों की हत्या की गूंज विधानसभा तक पहुंच गई थी। बसपा सरकार में हुई इस घटना को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार को घेरा था। इसको लेकर कई दिनों तक जिला सुर्खियों में रहा। हत्याकांड के मुख्य आरोपी की तीन साल पूर्व जिला कारागार में मौत हो चुकी है।  

पांच सितंबर 2009 की सुबह पूरा जिला तब स्तब्ध हो गया, जब सोबरी (चौरहटा) गांव में एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या कर दी गई। किसी को छत तो किसी का गला सीढ़ी पर ही रेता गया था। मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी भी उक्त नरसंहार को देखकर हिल गए थे। जिला ही नहीं लखनऊ तक हत्याकांड की गूंज पहुंच गई थी।

सपा और भाजपा ने सत्ता की जमकर खिंचाई की थी। इस हृदय विदारक घटना के बाद लोगों का गुस्सा भड़का, लेकिन तत्कालीन डीएम सुरेंद्र सिंह की तत्परता से माहौल शांत हो गया। हत्याकांड के मुख्य आरोपी खमरिया नगर निवासी विजय गुप्ता की जेल में मौत हो गई थी।

घटना का खुलासा होने के बाद से ही विजय गुप्ता जेल में निरुद्ध था। वर्ष 2015 में उसकी मौत हो गई। हत्याकांड में संगम लाल गुप्ता, उनकी पत्नी सावित्री देवी, लड़कियां अनीता, रानी और नातिन गुड़िया की गला काटकर हत्या की गई थी। 
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