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भदोही के दंपती की विदेश मंत्री से गुहार, दुबई में फंसे मेरे बेटे को बचा लो

Thu, 26 Apr 2018 07:26 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,भदोही
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केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज
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भदोही के एक दंपती ने केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से अपने साढ़े 18 वर्षीय बेटे को दुबई से वापस लाने की गुहार लगाई है। दंपती का कहना है कि एक टूर ऑपरेटर ने 1.10 लाख रुपये ऐंठ कर उनके बेटे को दुबई भेजा था। अब बेटे ने वहां परेशानी में फंसे होने की बात बताई है।
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माता-पिता दो माह से टूर ऑपरेटर के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन वह आश्वासन दे कर टरका देता है। मंगलवार को उन्होंने फैक्स के जरिये पत्र भेज कर विदेश मंत्री से फरियाद लगाई है।      

भदोही के निजामपुर निवासी शाहिद अली का बेटा अमीर अंसारी विदेश में काम करने का ख्वाब देखता था। इसी बीच उसके ननिहाल औराई थाना क्षेत्र के कुरौना में उसकी मुलाकात जफरुद्दीन ट्रैवेल्स के संचालक जफरुद्दीन से हो गई। उसने अमीर को पासपोर्ट बनवाकर तैयार रहने को कहा।
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उन्होंने कहा कि 1.10 लाख में दो वर्ष के वीजा पर उसे दुबई भेज देगा। जफरुद्दीन की मदद से गत वर्ष 12 दिसंबर को उनका बेटा दुबई चला गया। लगभग एक महीने के बाद अमीर का फोन मां जैनब बानो के पास आया कि जफरुद्दीन ने हमारे साथ ठगी की है।

उसका वीजा दो वर्ष का नहीं बल्कि केवल एक माह का टूर वीजा था, जिसके खत्म होने पर एजेंट ने मुझे एक पाकिस्तानी एजेंट के कब्जे में दे दिया है। वह एजेंट मुझे मारता-पीटता है और काम करवाता है। काम के बाद एक कमरे में बंद रखता है और खाना भी ठीक से नहीं देता।

 बेटे की परेशानी सुनने के बाद से माता-पिता टूर ऑपरेटर जफरुद्दीन के घर के चक्कर लगा रहे हैं। वह आजकल वापस बुलवा लेने का आश्वासन देकर उन्हें टरका देता है। थक-हार कर शाहिद ने मंगलवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को फैक्स से संदेश भेज कर अपने बेटे को भारत लाने में मदद करने की गुहार लगाई।      
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सर जी! मुझे किसी तरह यहां से बुला लो

 ‘सर जी! हमें दुबई में फंसा दिया है। इंडिया वाले एजेंट ने पाकिस्तानी एजेंट के पास भेजा है, जो मुझे कमरे में बंद करके रखता है और मारता-पीटता है। इंडिया वाला एजेंट मुझे वापस नहीं बुला रहा है।

उस एजेंट का नंबर है 7526043230 है। उसको बोलो कि किसी तरह मुझे यहां से निकाल ले। सर जी, जल्दी कुछ करिए! ये लोग हमारी किडनी बेचने की बात कर रहे थे’।

अमीर ने यह चिट्ठी किसी अधिकारी को भेजी थी। उसी चिट्टी को उसने ई-मेल के जरिये अपने घर वालों को भी भेजा था। अमीर के माता-पिता ने अपने संदेश के साथ यह चिट्ठी भी विदेश मंत्री को फैक्स की है।
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