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हरतालिका तीज : पूजन के लिए सुबह 2.31 घंटे, शाम को 1.10 घंटे का मुहूर्त; जानें- हस्त-चित्रा नक्षत्र का संयोग

Fri, 06 Sep 2024 12:01 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: पूजा के लिए मिट्टी व रजत सुवर्णादि धातु से निर्मित शिव-पार्वती जी की मूर्ति का पंचोपचार, दशोपचार और षोडशोपचार पूजा करने का विधान है। भगवान शिव भगवती पार्वती के साथ ही सुख समृद्धि के दाता श्रीगणेशजी की भी पूजा अर्चना करते हैं। हरतालिका तीज की कथा पढ़ी और सुनी जाती है। हरतालिका तीज का व्रत पूरी तरह से स्वच्छता ओर शुचिता के साथ आजीवन रखने पर अखंड सौभाग्य का योग बना रहता है।
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हरतालिका तीज व्रत में इन बातों का रखें ध्यान। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अखंड सौभाग्य की कामना से महिलाएं आज हरतालिका तीज का निर्जला व्रत रखेंगी। दो नक्षत्रों और शुक्ल योग के साथ ही हरतालिका तीज पर पूजन के लिए सुबह दो घंटे 31 मिनट का सर्वोत्तम मुहूर्त मिल रहा है। वहीं शाम को भी एक घंटे 10 मिनट का उत्तम मुहूर्त है। तृतीया युक्त चतुर्थी में भगवान शिव और माता पार्वती का पूजन श्रद्धालुओं की सर्व मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला होगा।

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हरतालिका तीज का व्रत शुक्रवार को रखा जाएगा। हरतालिका तीज पर हस्त नक्षत्र का बहुत ही शुभ संयोग बन रहा है। जब माता पार्वती ने भगवान शिव के लिए व्रत रखा था तो उस समय भी हस्त नक्षत्र का संयोग था। काशी के पंचांगों के अनुसार भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि दिन में 3:02 बजे तक रहेगी। 

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शास्त्रों में बहुत उत्तम माना जाता है यह संयोग
हस्त नक्षत्र सुबह 9:25 बजे तक और उसके बाद दिन भर चित्रा नक्षत्र रहेगा। शुक्ल योग रात 10:15 बजे तक रहेगा। चंद्रमा और शुक्र का कन्या राशि में गोचर भी श्रद्धालुओं के लिए फलदायी होगा। सुबह हस्त नक्षत्र और शाम को चित्रा नक्षत्र और तृतीया तिथि के साथ चतुर्थी तिथि का संयोग शास्त्रों में बहुत ही उत्तम माना जाता है।

बीएचयू के ज्योतिष विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. विनय कुमार पांडेय के अनुसार हस्त नक्षत्र युक्त तृतीया तिथि होने के कारण तीज की पूजा पूरे दिन में कभी भी कर सकते हैं। ज्योतिषविद विमल जैन के अनुसार तृतीया तिथि का समापन छह सितंबर को दोपहर में 3:02 बजे होगा। 

हरतालिका तीज की सुबह की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6:03 बजे से 8:34 बजे तक रहेगा। पंचांग के अनुसार तीज के पूजन के लिए दो घंटे 31 मिनट का मुहूर्त सबसे उत्तम रहेगा। इसके बाद शाम की पूजा के लिए 5:27 बजे से 6:37 बजे तक का मुहूर्त सबसे उत्तम रहेगा।
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