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भेलूपुर में भूत-प्रेत के फेर में रात भर हंगामा

Thu, 13 Oct 2016 02:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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इंसान चांद और मंगल ग्रह तक पहुंच गया है, मगर इस वैज्ञानिक युग में शहर के भेलूपुर क्षेत्र के कई मुहल्लों के लोग भूत-प्रेत और तांत्रिक क्रियाओं जैसे अंधविश्वास में उलझे हुए हैं। मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक बिरदोपुर, जक्खा, रानीपुर, बजरडीहा, बैजनत्था, बड़ी गैबी, तुलसीपुर सहित कुछेक अन्य मुहल्लों में इसका नजारा दिखा। इन मुहल्लों की कई महिलाएं, बच्चे, युवक और बूढ़े भूतों और जादू-टोना के डर से रतजगा कर जागते रहो की आवाज लगा रहे थे। इस दौरान कुछेक स्थानों पर एक-दूसरे पर भूत-प्रेत कराने के आरोप को लेकर मारपीट भी हुई। मौके पर पहुंची पुलिस ने लाठी पटक कर लोगों को खदेड़ा और कुछ लोगों की पिटाई भी कर दी। भूत-प्रेत और तंत्र-मंत्र के फेर में रतजगा, हंगामा और मारपीट को लेकर पुलिस के साथ ही पढ़े-लिखे लोग भी हैरत में रहे।
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भेलूपुर थाना क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक इलाकों में कई लोग मंगलवार की रात हॉकी, डंडा, रॉड और पत्थर लेकर घूमते देखे गए। सभी जागते रहो, जागते रहो कहकर शोर मचा रहे थे। हंगामा करने वालों का कहना था कि क्षेत्र के ही कुछ लोग जादू-टोना और भूत-प्रेत करने की फिराक में हैं। यदि वे ऐसा कर देंगे तो हम लोग साल भर परेशान रहेंगे। सड़कों पर घूम रहे लोगों ने इस दौरान गुजर रहे दो और चार पहिया वाहनों की जबरन तलाशी ली। इसी क्रम में बुधवार की भोर में बिरदोपुर स्थित कैलाश मठ के पास लोगों ने एक कार को रोका और बड़ी गैबी निवासी चालक की जमकर पिटाई की। लोगों का कहना था कि कार में पूजन सामग्री थी, जिसे लकर चालक तांत्रिक क्रियाएं करने आया था। सूचना पाकर क्षेत्राधिकारी भेलूपुर राजेश कुमार श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे और समझाए। ना मानने पर लाठी पटककर सबको खदेड़ा। पुलिस कार और चालक को भेलूपुर थाने ले आई। पुलिस के पीछे-पीछे आमजन भी भेलूपुर थाने पहुंचे और हंगामा करने लगे। सीओ ने कहा कि सभी को समझा-बुझाकर शांत कराया गया है। अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


हंगामा और रतजगा कर रहे लोगों के अनुसार बिरदोपुर में एक माह पूर्व एक महिला नेे एक बच्चे को जन्म दिया था। बच्चे को जन्म देने के बाद मां की मौत हो गई थी। लोगों का कहना था कि अब वह बच्चा बलि मांग रहा है। उस बच्चे से संबंधित लोग किसी भी मुहल्ले में कलश और फूल रख देते हैं। जिसके घर के सामने कलश और फूल रखा जाता है उसके परिवार के सदस्य बीमार होकर मर जाते हैं।
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