अधिवक्ता ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद निकिता सिंघानिया ठिकाना बदल रही थी। पुलिस को लोकेशन न मिले, इसलिए व्हाट्स एप कॉल करती थी। अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करके राहत पाने की फिराक में थी। इसी बीच निकिता ने एक करीबी रिश्तेदार को सामान्य तरीके से फोन कर कर दिया। इसका फायदा कर्नाटक पुलिस को मिला। पुलिस ने लोकेशन ट्रेस किया और गुरुग्राम के रेल विहार कॉलोनी से उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने निकिता से ही मां निशा सिंघानिया को फोन कराया। निशा ने फोन उठाया तो उसकी लोकेशन भी पुलिस को मिल गई। इसी आधार पर पुलिस प्रयागराज के झूंसी पहुंची और निशा के साथ ही अनुराग को गिरफ्तार कर लिया।