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जीएसटी के कारण महिलाओं का सजना संवरना भी हुआ महंगा

Tue, 18 Jul 2017 04:53 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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कास्मेटिक्स और ब्यूटी सर्विसेज पर जीएसटी का असर
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महिलाओं का सजना-संवरना अब महंगा हो गया है। ऐसा जीएसटी के चलते हुआ है। एक जुलाई के बाद से न सिर्फ कास्मेटिक्स और ब्यूटी प्रोडक्ट्स जीएसटी के दायरे में आए हैं बल्कि 18 प्रतिशत जीएसटी ब्यूटी पार्लर व सलोन पर लागू कर दिया गया है।

इससे महिलाओं के बजट के साथ ही कॉलेज गोइंग युवतियों की पॉकेट मनी पर मार पड़ी है। शहर के सभी बड़े ब्यूटी पार्लर व सलोन में एक जुलाई से जीएसटी लागू कर दिया गया है।
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लैक्मे सलोन, ओएसिस से लेकर ब्यूटी एन ज्वॉय, रामा रेडिएंट ब्यूटी स्टूडियो समेत सभी सलोन 18 प्रतिशत जीएसटी के दायरे में आ गए हैं। ऐसे में शुरुआती दौर में अभी भले इसका असर न समझ आ रहा हो लेकिन सहालग और खास मौकों पर इसका असर जरूर देखने को मिलेगा।

ओएसिस वेलनेस भेलूपुर की सांझी ने बताया कि सभी तरह से ब्यूटी सर्विसेज पर जीएसटी लगा है। चूंकि सभी ब्यूटी प्रोडक्ट्स जीएसटी के दायरे में आए हैं कि सर्विसेज पर भी इसे लागू किया गया है।

रामा रेडिएंट ब्यूटी स्टूडियो सिगरा की रामा सिंह का कहना है कि अलग अलग ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर अलग अलग टैक्स लागू है लेकिन पार्लर व सलोन में दी जाने वाली सर्विसेज पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाया है। 

भोजूबीर की रहने वाली गृहणी प्रेमशीला का कहना है कि अब हर महीने ली जाने वाली ब्यूटी सर्विसेज में कटौती करनी पड़ेगी। वहीं होटल मैनेजमेंट की छात्रा चेतगंज निवासी रिया गुप्ता का कहना है कि जीएसटी के कारण उनकी पॉकेट मनी पर काफी असर पड़ा है।

अब जो ब्यूटी सर्विसेज एक से दो महीने पर ली जाती थी, अब वो तीन से चार महीने में ली जाएगी। बीएचयू की छात्रा शिवानी सिंह का कहना है कि ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर पहले ही जीएसटी की मार है, उस पर से अब ब्यूटी पार्लर की सेवा भी महंगी हो गई है। 

जीएसटी से शिल्पकारों का खत्म हो गया रोजगार

gst - फोटो : सोशल मीड‌िया
अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने जीएसटी लगाकर शिल्पकारों और कामगारों का रोजगार खत्म कर दिया। जीएसटी लागू करने के साथ ही इसपर टैक्स भी लगा दिए।

लोहा, लकड़ी पर इसे थोप कर सरकार उत्पीड़न कर रही है। विश्वकर्मा अवकाश को बहाल करने के लिए आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
सोमवार को वह सर्किट हाउस में बातचीत कर रहे थे। उन्हाेंने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि योगी सरकार पिछड़ों की विरोधी है। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर का विश्वकर्मा जयंती का अवकाश भी बंद कर दिया गया है।

कहा कि प्रदेश सरकार ने उन्हें महापुरुष बताकर आदि शिल्पी का अपमान किया है। 26 जुलाई को जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे। इसके बाद सूबे की राजधानी लखनऊ में भी विरोध प्रदर्शन कर अवकाश बहाल करने की मांग करेंगे।
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बनारसी साड़ी और खिलौने का करें निर्यात

साड़ी
रामनगर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन की ओर से सोमवार को नदेसर स्थित एक होटल में बनारसी सामानों को कैसे निर्यात करें इस पर गोष्ठी का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि  इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फारने टेड की प्रोफेसर डॉ तमन्ना चतुर्वेदी ने बनारसी सिल्क साड़ी, लकड़ी के खिलौने एवं हाथ से बने सामनों को कैसे ऑनलाइन निर्यात करें इसके  बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसे ई-कामर्स द्वारा निर्यात किया जाए। 
रामनगर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के संरक्षक आरके चौधरी ने कहा कि यहाँ के निर्यातक बंधु और पूर्वांचल के लोग  काफी लाभान्वित हो सके। 
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