केस-1
गिटार खरीदने पर लगी 18 हजार रुपये की चपत
भगवानपुर की रहने वाली आभा मिश्रा ने लंका थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। आभा के अनुसार उन्होंने ओएलएक्स पर एक गिटार का विज्ञापन देखा। विज्ञापन पोस्ट करने वाले से 12 हजार रुपये में गिटार खरीदने की बात तय हुई। विज्ञापन पोस्ट करने वाले ने उनके पेटीएम नंबर पर 6000 रुपये का रिक्वेस्ट भेजा। कहा कि पैसा भेजने पर आपके ही अकाउंट में डिपोजिट होगा। इस पर उन्होंने 6000 रुपये भेज दिया तो वह उसके पेटीएम नंबर पर चला गया। इसके बाद उसने कहा कि 12 हजार रुपये भेज दें तो एक्स्ट्रा छह हजार रुपये वापस आ जाएंगे। उन्होंने छह हजार रुपये वापस पाने के लिए 12 हजार फिर भेज दिया। इस तरह से उन्हें 18 हजार रुपये की चपत लग गई और गिटार भी नहीं मिला।
केस-2
शर्ट और स्मार्ट वॉच मंगवा कर बुरे फंसे
सुंदरपुर नेवादा क्षेत्र निवासी कौस्तुभ शंकर श्रीवास्तव ने अपने फेसबुक पेज पर शर्ट और स्मार्ट वॉच का विज्ञापन बंपर छूट के साथ देखा। विज्ञापन पर भरोसा कर उन्होंने खुद और बच्चों के लिए शर्ट और स्मार्ट वॉच का ऑर्डर दिया। कौस्तुभ शंकर ने बताया कि 8500 रुपये का ऑर्डर करने के बाद जब उनके पास भुगतान संबंधी कोई बिल नहीं आया तभी उन्हें शंका हुई। पांच दिन बाद उनके पास सामान आया तो पैकेट में मात्र दो शर्ट और वह भी पुराने थे।
केस-3
हेयर ड्रायर के लिए पेमेंट करने के बाद खाते से पैसे कटे
दुर्गाकुंड क्षेत्र की अंतिमा केसरी ने लैपटॉप पर काम करने के दौरान एक स्क्रीन पर आए हेयर ड्रायर का विज्ञापन देखा। विज्ञापन से वह प्रभावित हुईं तो उसकी अलग-अलग वेरायटी चेक करने लगीं। वेबसाइट पर ध्यान दिए बगैर ही उन्होंने 2400 रुपये का हेयर ड्रायर ऑर्डर कर दिया। उसके एक घंटे बाद उनके खाते से पांच हजार रुपये कट गए। इस पर उन्होंने अपना एटीएम कार्ड ब्लॉक कराया। कुछ दिन बाद उनके पास हेयर ड्रायर आया तो वह खराब क्वालिटी का था और मार्केट में आसानी से सस्ते रेट पर मिल जाता है।
ऑनलाइन खरीदारी करते समय रखें इन बातों का ध्यान
साइबर क्राइम थाने के श्याम लाल गुप्ता ने बताया कि ऑनलाइन खरीदारी करते समय हमें किसी भी कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या एप का ही इस्तेमाल करना चाहिए। जिस वेबसाइट को खोलें उसके यूआरएल की शुरुआत एचटीटीपीएस से जरूर हो। ऑनलाइन खरीदारी का पेमेंट करते समय कभी अपने एटीएम कार्ड का विवरण न सेव करें। अपने बैंक खाते को सुरक्षित रखने के लिए कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प चुनना सबसे अच्छा रहता है। फॉरवर्ड लिंक मैसेज से ऑनलाइन खरीदारी न करें। प्रोडक्ट की जानकारी कर शर्तें व नियम, भुगतान का तरीका, उसके रिव्यू, रिटर्न पॉलिसी और विश्वसनीयता पर भी गंभीरता से ध्यान दें।