वाराणसी। एशिया की सबसे बड़ी पान मंडी मानी जाने वाली चेतगंज की पानदरीबा मंडी असुविधाओं से मार खा रही है। 1952 में स्थापित इस पान मंडी के उद्धार को लेकर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने चुनाव के दौरान खूब वादे किए, लेकिन चुनाव के बाद कोई झांकने नहीं पहुंचा। हाल यह है कि न तो पार्किंग की व्यवस्था, पेयजल और न ही शौचालय की व्यवस्था मंडी में हो पाई है।
जर्जर सड़कें और सीवर ओवरफ्लो के चलते बाजार की रौनक खत्म हो रही है। सरकारी तंत्र भी कभी इस मंडी की ओर उद्धार के नजरिये से झांकने नहीं पहुंचा। 250 दुकानों वाले इस मंडी में पार्किंग की समस्या से ग्राहक व व्यापारी त्रस्त हैं। इसी वजह से बाजार में आए दिन जाम से लोगों को जूझना पड़ता है। पान-सुपारी, कांफेक्शनरी और जनरल स्टोर की दुकानों से गुलजार इस मंडी में सुविधाओं की दरकार है। व्यापारियों के अनुसार समय रहते यदि बाजार में सुविधाओं को नहीं बढ़ाया तो फिर आने वाले समय में मंडी का अस्तित्व ही मिट जाएगा।
पार्किंग के अभाव में दुकानों के बाहर मजबूरी में गाड़ियां खड़ी होती हैं, इससे आए दिन जाम लगता है।
जावेद, व्यापारी, पान दरीबा
तीन हजार ग्राहकों से गुलजार बाजार में एक भी शौचालय नहीं है। मजबूरन लोग गलियों में गंदगी फैलाते हैं।
मनोज चौरसिया, व्यापारी, पानदरीबा
बाजार की अधिकतर सड़क व पटरियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। निगम में शिकायत की गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
विनोद गुप्ता, व्यापारी, पानदरीबा
सड़क से अतिक्रमण हटे, पार्किंग बन जाए तो और मूलभूत सुविधाएं मिलें तो बाजार की रंगत लौट आए।
विनोद यादव, व्यापारी, पानदरीबा
मूलभूत सुविधाएं नहीं होने से ग्राहक कम आ रहे हैं, सुविधाएं बढ़े तो फिर भीड़ पूर्व की तरह होने लगेगी।
बिरजू सोनकर, ग्राहक
वाहन खड़ा करने और सुविधाओं की पूर्ति जहां हो, वहीं ग्राहक जाता है। लेकिन यहां ऐसा कुछ नहीं है।
मोती लाल, ग्राहक
इस बाजार में आइए तो सबसे पहले टूटी सड़कें और ओवरफ्लो करता सीवर ही स्वागत करते हुए मिलेगा।
शैल चौरसिया, ग्राहक
सड़क पर बाइक खड़ी करिए तो जाम लगता है और दुकान के सामने व्यापारी परेशान करते हैं। रोज किचकिच होती है।
सुनील चौरसिया, ग्राहक
प्रमुख समस्याएं
- 250 से अधिक दुकानों के लिए पार्किंग नहीं
- महिलाओं के लिए शौचालय की व्यवस्था नहीं
- स्वच्छ पेयजल का इंतजाम नहीं
- छुट्टा पशुआें का बाजार में जमघट
- अतिक्रमण हावी, सीवर ओवरफ्लो
प्रमुख सुझाव
- नगर निगम पार्किंग की व्यवस्था करें
- शौचालय-मूत्रालय की व्यवस्था हो
- पांच स्थानों पर पेयजल की हो व्यवस्था
- पशुओं की धरपकड़ हो
- व्यापारियों व पुलिस के बीच साप्ताहिक बैठक हो