गिलट बाजार में सजी मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा। अमर उजाला
वाराणसी। शारदीय नवरात्र की नवमी तिथि पर दिनभर चहुंओर पूजन-अर्चन का सिलसिला चला। शाम ढलते ही आम हो या खास, सभी मां जगदंबा के उत्सव में डूब गए। रात दिन सरीखी नजर आई। हर ओर सतरंगी रोशनी में भक्ति, उल्लास और उमंग की आभा बिखर रही थी। मुख्य सड़कों से लेकर गलियों तक जनसैलाब उमड़ा था। पंडालों में विराजीं मां दुर्गा की मनमोहक छवि के दर्शन करने और मेले का लुत्फ उठाने के लिए लोग पहुंचे। वहीं, बंगीय पंडालों में लोग पूजा के साथ ढाक की लयबद्ध धुनों की अनुगूंज और धुनुची नृत्य के बीच देवी की आराधना में मगन रहे।
दुर्गा पूजा की अंतिम निशा में शामिल होने का उत्साह लोगों में सुबह से ही दिखा। रात में भीड़ को देखते हुए कुछ लोग परिवार के साथ शाम ढलने से पहले ही पंडालों का भ्रमण कर लौट गए। लोग पैदल और वाहनों से मेला देखने निकल पड़े। शहर से लेकर गांव तक मां दुर्गा के जयकारों से पूजा पंडाल गूंज रहे थे। शाम ढलते ही शहर की गलियां पंडालों की ओर जाने वाले रास्तों से जुड़ने लगीं और हर तरफ हुजूम उमड़ने लगा। रंग-बिरंगी रोशनी में डूबे पंडालों में पूरी रात भीड़ रही।
हथुआ मार्केट में अंकोरवाट मंदिर, सनातन धर्म इंटर कॉलेज में बदरीनाथ धाम के रूप में सजे पंडाल, मच्छोदरी में कर्नाटक के ऐहोल के दुर्गा मंदिर की तर्ज पर बने पंडाल, वरुणापार इलाके में शिवपुर स्थित मिनी स्टेडियम में हवामहल, न्यू कॉलोनी में स्वर्ण मंदिर, अर्दली बाजार में केदारनाथ मंदिर, मनसाराम फाटक में एलियन की झांकी और जैतपुरा में ऑपरेशन सिंदूर की थीम पर बने पंडाल समेत टाउनहाल, लंका, लोहटिया, सिगरा, महमूरगंज, खोजवां, बंगाली टोला, जंगमबाड़ी, सोनारपुरा, भेलूपुर, औसानगंज, कतुआपुरा, गायघाट और राजघाट आदि इलाकों के पूजा पंडालों में भीड़ रही।
गिलट बाजार में सजी मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा। अमर उजाला