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Basant Panchami 2025: प्रकृति को नमन कर मनाया वसंत पंचमी का पर्व, मां सरस्वती की उतारी गई आरती

Mon, 03 Feb 2025 11:29 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Basant Panchami 2025: काशी में गंगा तट पर मां सरस्वती की पूजा के साथ बसंत ऋतु का स्वागत किया गया। इस दौरान प्रकृति को नमन कर पर्व को मनाया गया। 
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मां सरस्वती की पूजा के साथ बसंत ऋतु का स्वागत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वसंत पंचमी पर्व को नमामि गंगे ने महर्षि योगी वेद विज्ञान अध्ययन पीठ के वेदपाठी बटुकों के साथ प्रकृति को नमन कर मनाया। सोमवार को सिंधिया घाट के गंगा तट पर मां सरस्वती, मां गंगा, भगवान भास्कर एवं प्रकृति की आरती उतारी गई। मां सरस्वती की पूजा के साथ बसंत ऋतु का स्वागत किया गया। 

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प्रकृति को प्रणाम करके प्रकृति के प्रिय विषय नदी, वृक्ष से प्रेम ,साफ- सफाई, स्वच्छता आदि से लोगों को जुड़ने का आवाह्न किया गया। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि वसंत पंचमी प्रकृति से प्रेरणा लेने और जीवन को आनंदित करने का त्योहार है। प्रकृति संग जीवन में नई ऊर्जा का संचार है वसंत पंचमी। 

भगवान कृष्ण ने गीता में "ऋतु कुसुमाकर" कहकर बसंत को अपनी सृष्टि माना है। वसंत पंचमी वो समय है जब मौसम में, फसलों, भोजन, वस्त्रों में बदलाव देखे जा सकते हैं। ये ही प्रकृति से प्रार्थना करने का उपयुक्त समय भी है। आयोजन में प्रमुख रूप से नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर राजेश शुक्ला, महर्षि योगी वेद विज्ञान अध्ययन पीठ के बटुक, पूनम शुक्ला एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे।
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