भारतीय रिजर्व बैंक और बैंकों के तमाम दावों के बावजूद रविवार को भी पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की जनता को कैश की किल्लत से परेशान होना पड़ रहा है। शनिवार से सोमवार तक बैंक बंद बंद हैं और शहर के लगभग 80 फीसदी एटीएम खाली। तीन दिन के लगातार अवकाश से आम जनता की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
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इसकी बड़ी वजह, एटीएम सेवा का अब तक सुचारु न होना है। बैंक और प्रशासन के उच्चाधिकारी चाहे जो दावे करें लेकिन 20 फीसदी एटीएम में भी पर्याप्त कैश नहीं भरा जा पा रहा है। नगदी के लिए लोग इधर-उधर भटकने को विवश हैं।
आलम यह है कि रविवार सुबह 11 बजे चांदपुर से गोदौलिया के बीच सिर्फ एक एटीएम काम कर रहा था। लोग रुपये निकालने के लिए इधर, उधर भटक रहे हैं।
नोटबंदी के 33 दिन बाद भी हालात सामान्य न होने से शहर से गांवों तक लोगों की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। बैंकों में तीन दिनी अवकाश के पहले ही दिन एटीएम सेवा और चरमराई नजर आई। कुछ निजी बैंकों को छोड़ दिया जाए तो बाकी बैंकों के एटीएम या तो बंद रहे या फिर उनमें कैश नहीं था।
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बैंक खुलने पर बढ़ेगा दबाव
एटीएम लाइन
- फोटो : अमर उजाला
दोपहर में एचडीएफसी के रथयात्रा व लहुराबीर ब्रांच और इंडियन बैंक के लहुराबीर एटीएम से कैश निकल रहा था । वहीं शहर के नरिया, भिखारीपुर, चितईपुर और ककरमत्ता के एटीएम में कैश नहीं है।
मीण क्षेत्रों में लगभग यही हालत है और इक्का दुक्का एटीएम से ही कैश निकल रहा है। एटीएम से पैसा न मिलने से परेशान लोग अब बैंक खुलने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि चेकबुक, खाते से वे रुपये निकाल सकें।
हालांकि मंगलवार को भी मांग के अनुरूप कैश उपलब्ध न होने से लोगों को परेशानी हो सकती है। बाबतपुर एयरपोर्ट पर यात्रियों की सुविधा के लिए यूनियन बैंक का एटीएम तो लगवा दिया गया लेकिन उसमें अक्सर कैश ही नहीं रहता।
सात दिन बाद शनिवार को रुपये भरे गए तो निकासी के लिए कतार लग गई। भीड़ इतनी बढ़ गई कि व्यवस्था संभालने के लिए सीआईएसफ जवानों को लगाना पड़ा। इस दौरान कुछ लोगों में नोकझोंक भी हुई।
प्रधानमंत्री के रविंद्रपुरी स्थित संसदीय कार्यालय के आसपास के एटीएम भी ‘नो कैश’ हैं। यहां बैंक आफ बड़ौदा का एटीएम लंबे समय से बंद है जबकि उसके बगल में स्थित एसबीआई के ई-कार्नर पर लंबे इंतजार के बाद शनिवार को कैश उपलब्ध हुआ तो लंबी लाइन लग गई।
लाइन में लगे लोग संसदीय कार्यालय में जनसुनवाई कर रहे रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा से नकदी की समस्या बताना चाह रहे थे लेकिन उनकी मुलाकात से पहले ही राज्य मंत्री निकल गए।
महीने भर से बंद चल रहे ग्राम्यांचल के कस्बों में ज्यादातर एटीएम के ताले रविवार को भी नहीं खुले। कहीं, कोई एटीएम खुला मिला तो उसमें रुपये ही नहीं थे।
चौबेपुर में ओरियंटल बैंक, स्टेट बैंक, यूनियन बैंक और इलाहाबाद बैंक के एटीएम बंद थे। आसपास गांवों से रुपये निकालने आए लोगों को निराश लौटना पड़ा।
दानगंज, नियारडीह, चोलापुर और धरसौना में भी कैश के अलाव में ज्यादातर एटीएम बंद रहे। मिर्जामुराद में भी सारे एटीएम शो पीस बने रहे। रोहनिया, जगतपुर और शहावाबाद में आधा दर्जन एटीएम हैं, सभी बंद रहे। यही हाल आराजीलाइन, गंगापुर, जक्खिनी और जयापुर स्थित एटीएम का रहा।