मंगलवार रात 500 और 1000 के पुराने नोट बंद करने के फैसले के बाद बृहस्पतिवार को पहली बार खुले बैंकों और डाकघरों में सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक कुल 12 अरब का लेन-देन हुआ। बैंक और डाकघर से जुड़े अधिकारियों की माने तो इसमें बैंक का दस और डाकघर का दो अरब शामिल हैं। इसमें जमा-निकासी, पैसा बदलने, चेक क्लीयरिंग, ऑनलाइन पेमेंट आदि भी शामिल हैं। इससे पहले बैंकों से 500 और 1000 के नोट बदलने और उन्हें खाते में जमा करने के लिए बैंकों पर दिन भर भीड़ लगी रही। इस दौरान शहर और ग्रामीण इलाकों की शाखाओं पर पुलिस की मौजूदगी के बावजूद बैंक कर्मचारियों और लोगों के बीच नोंकझोंक भी हुई। चार हजार रुपये तक के नोट बदलने में लोगों के पसीने छूट गए। कारण, कुछ बैंकों ने अपने यहां खाता न होने का हवाला देते हुए नोट बदलने से मना कर दिया।
10 नवंबर से 30 दिसंबर तक हर दिन चार हजार रुपये बदलने और खाते में पैसा जमा करने के पहले दिन बैंक खुलने से पहले ही लोगों की लाइन लगनी शुरू हो गई। सुबह दस बजे तक इतनी लंबी लाइन लग गई कि कुछ बैंकों को अंदर से चैनल बंद करना पड़ गया। बौलिया स्थित यूनियन बैंक, एसबीआई मुख्य शाखा, काशी गोमती बैंक चौकाघाट सहित शहर और ग्रामीण इलाकों के बैंकों पर ऐसी स्थिति मिली। इस बीच कुछ बैंकों के कर्मचारियों ने अपने यहां का खाता होने पर ही नोट बदलने का हवाला दिया, जिसको लेकर लोगों से नोंकझोंक हुई। लोग कह रहे थे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसा नहीं कहा था। कुछ बैंकों में जो भी निर्धारित फार्म भर कर पहचान पत्र की कॉपी लगाकर पहूंचा, उसे 500 और एक हजार रुपये वाले चार हजार रुपये तक के नोट बदलकर दिए गए। रात आठ बजे तक बैंकों पर पुराने नोटों को बदलकर नए नोट/100-50-20 और 10 के नोट लेने, खातों में जमा करने का काम चलता रहा। इस दौरान दिन भर शाखाओं पर पैसा पहुंचाने के लिए बैंकों की गाड़ियां शहर में दौड़ती रहीं।। रात आठ बजे तक लेने-देन की प्रक्रिया तो बंद हो गई लेकिन इन सभी जगहों पर देर रात तक पहले दिन का लेखा-जोखा बनाने में अधिकारी-कर्मचारी लगे रहे।
पहले दिन बैंक, डाकघरों पर नए नोट का इंतजार होता रहा। पुराने नोट बदलने के लिए आने वाले ज्यादातर लोग 500 और 2000 के नए नोट मांग रहे थे। बैंक कर्मचारियों की ओर से लोगों को 100, 50, 20 और 10 रुपये की गड्डी बांटी गई। देर शाम एसबीआई के अधिकारी ने बताया कि 500 और 2000 की नई करेंसी मिल गई है। इसका वितरण शुक्रवार से किया जाएगा। यह भी बताया कि स्थिति सामान्य होने तक बैंकों में रात 10 बजे तक काम होगा। पहले दिन कई बैंकों के साथ ही प्रधान डाकघर कैंट, विश्वेश्वरगंज, काशी रेलवे स्टेशन डाकघर समेत अन्य शाखाओं पर समय से पैसा नहीं पहुंच सका। कई बैंकों पर लोग लंबी लाइन लगाकर पैसा आने का इंतजार करते रहे। काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक श्रीकांत उपाध्याय ने माना कि समय से करेंसी न आने की वजह से कुछ शाखाओं पर थोड़ी परेशानी हुई। उधर, प्रवर अधीक्षक डाक अभिनव प्रताप सिंह के मुताबिक कुछ डाकघरों पर दोपहर बाद एसबीआई से पैसा पहुंचा।