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बनारसी साड़ी की कला को जीएसटी से झटका, जरी पर पहली बार टैक्स

Sun, 21 May 2017 06:21 PM IST
amarujala.com- Written by: अनूप ओझा
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banarasi saree - फोटो : tripadvisor
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बनारसी साड़ी को पसंद करने वाले और उसके कारीगरों के लिए जीएसटी के हवाले से बुरी खबर है। साड़ी को जिस धागे (जरी) से खास चमकीली कलात्मक बुनावट मिलती है उस धागे पर पांच प्रतिशत के टैक्स का प्रावधान किया गया है।
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इसके चलते कारीगरी से जुड़े परिवार चिंतित हैं, जरी की कढ़ाई वाली साड़ियों के उत्पादन में गिरावट आने की आशंका है। हालांकि, बनारसी साड़ी पर न पहले कोई टैक्स था और न ही जीएसटी में कोई प्रावधान है। चाहे सुहाग का जोड़ा हो या सजने-संवरने का कोई खास अवसर।

हर नारी की पहली पसंद बनारसी साड़ी होती है। सुंदरता की चाहत के तौर पर बनारसी साड़ी की दुनिया में पहचान उसकी कलाकारी है। यह कलाकारी जरी से होती है। तांबे को गलाकर चांदी और सोने की पॉलिश से तैयार होने वाली जरी के धागे पर जीएसटी लागू होने से यह महंगा हो जाएगा।
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पीली कोठी के बुनकर इकबाल अहमद बताते हैं कि जरी पर अब तक किसी तरह का टैक्स नहीं लगता था। जीएसटी लगने के बाद अब बनारसी साड़ी महंगी हो जाएगी। वैसे भी मंदी के चलते कीमत नहीं निकल पा रही थी। अब टैक्स लगने से दाम नहीं निकल पाएगा।

साड़ी पर जरी की कढ़ाई में पूरे परिवार के साथ खटने वाले मुख्तार आलम का कहना है कि जरी पर जीएसटी लगने के बाद बनारसी साड़ी की कला पर संकट आना तय है। इस कारीगरी से जुड़े 35-40 हजार कारीगर सीधे प्रभावित होंगे। जरी खरीदने में कारीगर हिचकेंगे।
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बनारसी सारी को बनाने में होता है दो धागों का प्रयोग

banarasi saree - फोटो : social media
इससे बनारसी साड़ी की कलात्मकता में कमी आएगी। रेशम तागा संघ के संरक्षक और प्रमुख वस्त्र उद्यमी मोहन लाल सरावगी बताते हैं कि दो सौ रुपये रील से लेकर 10 हजार रुपये रील तक बाजार में उपलब्ध है। अभी तक जरी पर टैक्स नहीं था।

करघे पर ताना-बाना के जरिए कारीगरों के हाथों बुनाई से हफ्ते से 10 दिन के भीतर तैयार होने वाली बनारसी साड़ी पर अब जरी का काम महंगा हो जाएगा।

दो धागों का प्रयोग

सोने-चांदी की पॉलिश वाला धागा असली बनारसी साड़ियां इसी धागे से निखरती हैं। खास कारीगर इसका प्रयोग करते हैं। इसेे सोने-चांदी की पॉलिश वाले तांबे के तार से बनाया जाता है। इसी बुनावट से साड़ियों की कीमत तय होती है। अब इसी पर टैक्स का नया प्रावधान किया जा रहा है, जो पहले नहीं था।   मेटल कोटिंग प्लास्टिक धागा प्लास्टिक के धागे पर मेटल कोटिंग वाले जरी के धागे का दाम काफी कम 200 से 250 रुपये प्रति किलोग्राम ही होता है। इसलिए इस पर पहले से चले आ रहे 4 प्रतिशत टैक्स से किसी को कोई परेशानी नहीं होती है। अपेक्षाकृत सस्ती बनारसी साड़ियों में इसी धागे का बहुतायत में प्रयोग होता है।
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