केरल में बाढ़ पीड़ित लोगों के लिए हवन करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
केरल में आई बाढ़ का असर बनारसी साड़ी और पर्यटन व्यवसाय पर आ गया है। बनारसी साड़ी के आर्डर कैंसिल हो गए हैं वहीं पर्यटन के उद्देश्य से केरल जाने वाले बुकिंग निरस्त करा रहे हैं। केरल लगायत दक्षिण भारत में बनारसी साड़ी को खासा पसंद किया जाता है। हर साल करोड़ों का कारोबार बनारसी साड़ी का होता है। साथ ही केरल के रास्ते गल्फ कंट्री में बनारसी साड़ी का निर्यात किया जाता है।
कोटवा के बुनकर जमालुद्दीन अंसारी ने बताया कि हर महीने केरल के लिए केवल 100 से 200 साडि़यां बनाते थे। जुलाई माह में 300 से ज्यादा साडि़यां केरल के ग्राहकों के लिए तैयार की थी। इस महीने अभी कोई ऑर्डर नहीं आया है।
लोहता के इरशाद अहमद ने बताया कि सिल्क और जरी की साडि़यों की केरल में डिमांड रही है। बाढ़ के चलते व्यवसाय पर असर आया है। वहीं छाही के बच्चा लाल मौर्या ने भी व्यवसाय पर असर बताया।
बनारस सहित पूर्वांचल से हर साल लगभग 20 हजार लोग पर्यटन के उद्देश्य से केरल जाते थे। केवल बनारस से ही 10 हजार लोग बनारस से केरल घूमने के लिए जाते हैं। आरजे ट्रेड विंग्स के शैलेंद्र सिंह ने बताया कि बाढ़ के चलते केरल जाने वाले बुकिंग निरस्त करा रहे हैं।
वहीं कैंट रेलवे स्टेशन पर केरल से पार्सल का आना-जाना बंद हो गया है। दक्षिण भारत, खासकर केरल से मसालों के साथ ही धातु के सामान पार्सल के माध्यम से आते हैं। वहीं बनारस से साडि़यां इत्यादि केरल को रेल पार्सल के ही माध्यम से भेजी जाती हैं। केरल में आई बाढ़ से सामानों का आना-जाना बंद हो गया है।