बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 572 रेल इंजन बनाकर नया कीर्तिमान बनाया है। इसमें सबसे अधिक मालगाड़ी के 401 इलेक्ट्रिक इंजन, 143 यात्री इलेक्टि्रक इंजन और अमृत भारत ट्रेन के लिए 14 इंजन तैयार किए गए। इसके अलावा मोजांबिक को 10 डीजल रेल इंजन भेजे गए जबकि 4 डीजल रेल इंजन भी इसी वित्तीय वर्ष में बने हैं। रेल मंत्रालय ने बरेका को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 642 विद्युत रेल इंजनों के निर्माण का लक्ष्य सौंपा है।
बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने बताया कि भारतीय रेल के औद्योगिक इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 572 रेल इंजनों का निर्माण कर अब तक का सर्वाधिक वार्षिक उत्पादन बरेका ने दर्ज किया है। यह उपलब्धि बरेका की उत्कृष्ट तकनीकी क्षमता, कुशल प्रबंधन और अधिकारियों, कर्मचारियों की अथक मेहनत का सशक्त प्रमाण है। बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित 553 इलेक्ट्रिक इंजन के लक्ष्य के मुकाबले 558 बनाया गया।
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यह लक्ष्य से लगभग एक प्रतिशत ज्यादा और पिछले वर्ष की तुलना में 18 प्रतिशत ज्यादा है। स्थापना से लेकर अब तक बरेका ने 11259 रेल इंजन का निर्माण किया है। इनमें 2925 इलेक्ट्रिक इंजन शामिल हैं। बताया कि अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरने पर यूरोपियन स्टैंडर्ड की प्रतिष्ठित संस्था यूएनआईएफई की ओर से बरेका को इंटरनेशनल रेलवे इंडस्ट्री स्टैंडर्ड (आईआरआईएस) के तहत आईएसओ 22163 का सिल्वर ग्रेड प्रमाण-पत्र लगातार दूसरी बार प्रदान किया गया है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में बरेका में ग्रिड कनेक्टेड सोलर पावर प्लांट की स्थापित क्षमता 3874 किलोवाट पीक है। इससे 41.76 लाख यूनिट सौर ऊर्जा का उत्पादन हुआ जो बरेका की कुल वार्षिक ऊर्जा खपत का लगभग 19.87 प्रतिशत है। इस सौर ऊर्जा से लगभग 1.58 करोड़ रुपये की बचत हुई है।