महीनों इंतजार के बाद आखिर मंगलवार को वो अनमोल घड़ी आई। संगीत के शहर की चार हस्तियों को दिल्ली में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने पद्मश्री, पद्मविभूषण से सम्मानित किया। काशी की झोली में एक साथ पांच पद्म सम्मान आने से लोगों के चेहरे पर खुशी छा गई है। प्रो. ओएन श्रीवास्तव को पिछले महीने ही पद्म श्री से नवाजा जा चुका है। पद्मविभूषण सम्मान से नवाजी गईं ठुमरी साम्राज्ञी गिरिजा देवी ने इसका श्रेय काशी को दिया।
काशी की पांच विभूतियों को इस बार गणतंत्र दिवस पर पद्म सम्मान देने की घोषणा की गई थी। मंगलवार को पूरब अंग की गायिकी को पहचान दिलाने वाली ठुमरी गायिका गिरिजा देवी, ठुमरी गायिका सोमा घोष के अलावा चिकित्सा के क्षेत्र में प्रो. टीके लहरी, आयुर्वेद के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए प्रो. रामहर्ष सिंह को पद्म सम्मान दिया गया। सम्मान मिलने के बाद गिरिजा देवी ने फोन पर खुशियां साझा कीं। उन्होंने इसका श्रेय काशी के प्रेम और माता-पिता को दिया। अप्पा जी ने खासतौर से नई पीढ़ी के लिए कहा कि वह अच्छा काम करें, ताकि बड़ा से बड़ा गौरव हासिल हो सके। दुनिया में काशी का नाम ऊंचा होता रहे। कहा कि बाबा विश्वनाथ की कृपा से ही यह सब संभव हो सका। ठुमरी गायिका सोमा घोष पद्मश्री पाकर गदगद नजर आईं। उन्होंने कहा कि अब काम करने की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। बनारस में देश के सभी संगीत घरानों की शिक्षा देने का सपना मैं जल्द ही साकार करूंगी।