दुनिया के सबसे प्रदूषित शहर में शामिल रहे बनारस की हवा अब बदल चुकी है। सवा साल के आंकड़ों पर गौर करें तो शहर की वायु गुणवत्ता में बड़े स्तर पर सुधार हुआ है। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम का असर रहा कि शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स पिछले डेढ़ साल से सौ के अंदर ही बना हुआ है। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की रिपोर्ट में वाराणसी की हवा में 17 से 21 फीसदी से भी अधिक का सुधार हुआ है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन के एप समीर के अनुसार चार साल पहले बनारस का एयर क्वालिटी इंडेक्स रेड जोन को पार कर चुका था। एयर क्वालिटी इंडेक्स 350 के ऊपर था लेकिन 2022 में हवा को सुधारने के लिए शुरू हुआ राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम का असर नजर आने लगा है।
सवा साल के आंकड़ों पर गौर करें तो शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स कभी सौ के नीचे तो कभी 50 के आसपास ही था। 389 दिन तो बनारस का वायु गुणवत्ता सूचकांक ग्रीन जोन में ही था।