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Varanasi News: कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक, ये है मामला

Wed, 24 Apr 2024 07:35 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी

सार

Varanasi News: उस समय पुलिस विवेचना के बाद सभी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल हुआ था। हालांकि, सरकार ने 81 आरोपियों के मुकदमे वापस ले लिए थे। इसके बाद काग्रेस अध्यक्ष ने आपराधिक कार्यवाही के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
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अजय राय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के खिलाफ वाराणसी में 2015 में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान अगजनी और लाठीचार्ज मामले में अगली सुनवाई तक किसी भी तरह की उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह की अदालत ने अजय राय की ओर से ट्रायल कोर्ट में चल रही आपराधिक कार्यवाही को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। इससे पहले कोर्ट ने सरकार से हलफनामा मांगा था। जिस पर अपर महाधिवक्ता पीसी श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले में 82 आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया था, जिनमें से 81 व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा राज्य सरकार द्वारा उचित कार्रवाई के बाद वापस ले लिया गया है। 

यह नीतिगत मामला है और जहां तक याची अजय राय का सवाल है, उनके संबंध में निर्णय चुनाव के बाद लिया जाएगा। याचिका पर अगली सुनवाई 30 जुलाई नीयत की गई है। तब तक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ किसी भी तरह की उत्पीडनात्मक कार्यवाही पर रोक रहेगी।
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मामला वाराणसी के दशाश्वमेध थाना क्षेत्र का है। वर्ष 2015 में गंगा में गणेश प्रतिमा विसर्जन की मांग कर रहे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सहित अन्य लोगों पर लाठीचार्ज किया गया। इसके विरोध में पांच अक्तूबर 2015 को मैदागिन स्थित टाउन हॉल मैदान से अन्याय प्रतिकार यात्रा निकाली गई थी। इसमें साधु-संतों ने बड़ी मात्रा में हिस्सा लिया था।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के नेतृत्व में सभी लोग जब गोदौलिया चौराहे पर पहुंचे तो वहां खड़े सांड़ के भड़क जाने पर भगदड़ मच गई। इस दौरान अराजकतत्वों ने पुलिस बूथ और सरकारी गाड़ी में आग लगा दी। इसके बाद अजय राय समेत 82 लोगों के खिलाफ विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत दशाश्वमेध थाने में एफआईआर दर्ज करवाई गई। 
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