फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बैंबू चारकोल : बढ़ेगी किसानों की उपज और आय, साफ होगा पानी; भारत व जापान सरकार में हुआ समझौता

Sun, 22 Dec 2024 04:59 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News : भारत और जापान सरकार के बीच हुए इस समझाैते से देश के किसानों को काफी फायदा होगा। नई तकनीक से खेती-बारी को और विस्तारित किया जाएगा। बैंबू चारकोल को ब्लैक डायमड के नाम से मशहूर बांस से बनाया जाता है। यह चेहरे के लिए भी फायदेमंद है।
विज्ञापन
वाराणसी के रमना में तैयार किया जा रहा बैंबू चारकोल। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जापान की दो कंपनियों ने वन विभाग के सहयोग से जिले के तीन गांवों में बैंबू चारकोल बनाने का काम शुरू कर दिया है। चारकोल के प्रयोग से स्थानीय लोगों को कृषि उपज बढ़ने के साथ ही शुद्ध पानी भी मिलेगा। चार साल के लिए भारत और जापान सरकार में समझौता हुआ है। भारत में पहली बार वन आधारित गंगा अनुकूल आजीविका परियोजना के तहत काम हो रहा है। वाराणसी के रमना, चांदपुर और मुस्तफाबाद में चार साल तक यह काम किया जाएगा। 

विज्ञापन


जापान की कंपनी ओइस्का इंटरनेशनल और जापान इंटरनेशनल कॉरपोरेशन एजेंसी काम कर रही हैं। जापानी दूतावास के शुन होसाका ने भी बीते दिनों भारत और जापान के मित्रवत संबंधों की बात कही थी।

परियोजना इंचार्ज रणजीत सिंह चौहान ने बताया कि नदी पर्यावरण के अनुकूल प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग कर रोजगार दिलाने की पहल की गई है। साथ ही किसानों की फसलों के विपणन का उपयोग करने वाली कृषि प्रौद्योगिकी की भी शुरुआत हुई। गंगा के किनारे रहने वाले लोग बांस का प्रभावी उपयोग कर सकते हैं। बांस के चारकोल पर्यावरण के अनुकूल कृषि को बढ़ावा देने में भी सहायक होंगे। 
विज्ञापन


जापान के कृषि विशेषज्ञ अकियो चिकुडा ने किसानों को बताया कि अच्छी मिट्टी लिए शारीरिक, रासायनिक और जैविक संतुलन बहुत जरूरी है। अच्छी मिट्टी बनाए रखने के लिए बांस का कोयला प्रभावी है। इसके इस्तेमाल से रासायनिक खादों पर निर्भरता कम होगी, मिट्टी के पोषक तत्व बने रहेंगे। वे जैविक खाद बनाने की विधि किसानों के साथ साझा करने के साथ खाद बनाकर भी दिखा रहे हैं। 

विज्ञापन

क्या है बैंबू चारकोल
ब्लैक डायमंड के नाम से मशहूर बांस से बनने वाला चारकोल पानी को साफ करने के साथ-साथ चेहरे के लिए भी फायदेमंद है। यह हवा में घुले प्रदूषित तत्वों को चेहरे पर टिकने नहीं देता। साथ ही भीषण गर्मी में भी इसकी परत त्वचा का बचाव करती है। बांस चारकोल प्राकृतिक रूप से कैल्शियम, मैग्नीशियम, एसीडिक एसिड, हाइड्रॉक्सिल बैंजीन आदि से युक्त होता है। रमना, चांदपुर और मुस्तफाबाद में किसानों को जापान की दोनों कंपनियां बैंबू चारकोल बनाकर देंगी। किसान इसे खेतों में डालेंगे और पानी साफ करने में इसका प्रयोग करेंगे। 

बोले अधिकारी
जापान की दो कंपनी और वन विभाग के सहयोग से तीन गांवों में बैंबू चारकोल बनाने का काम शुरू हुआ है। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और पानी भी साफ किया जा सकेगा। - राकेश कुमार, उप प्रभागीय वनाधिकारी वाराणसी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें