स्थिति बिगड़ते देख समिति के सचिव बैजनाथ तिवारी ने उच्च अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। अधिकारियों के निर्देश पर किसानों के आधार कार्ड और मोबाइल नंबर वितरण रजिस्टर में दर्ज कर हस्ताक्षर कराने के बाद निर्धारित मूल्य पर मैनुअल तरीके से यूरिया का वितरण शुरू कराया गया। इसके बाद पुलिस ने किसानों को समझाकर शांत कराया। मशीन खराब होने और लंबे इंतजार से किसानों में असंतोष बना रहा। किसानों का कहना था कि तकनीकी खराबी का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है और समय पर खाद नहीं मिलने से खेती का कार्य प्रभावित हो रहा है।
समिति के सचिव बैजनाथ तिवारी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार यूरिया का वितरण मशीन के माध्यम से किया जाता है। मशीन में तकनीकी खराबी आने से वितरण बाधित हुआ। उन्होंने कहा कि इसमें समिति की कोई लापरवाही नहीं है। वर्तमान स्टॉक समाप्त होते ही तत्काल नई खेप मंगाई जाएगी और किसानों को यूरिया की कमी नहीं होने दी जाएगी।