ढाई वर्ष में पड़री ग्राम पंचायत का पंचायत भवन पूर्ण नहीं हो सका है। भवन निर्माण के नाम पर 11 लाख रुपये खर्च भी कर दिए गए। पंचायत भवन की स्थिति यह है कि किसी तरह से छत की ढलाई हुई है। न तो फर्श बनी है और न ही खिड़की लगी है। बिजली के लिए वायरिंग भी नहीं हुई है। भवन की दीवारों पर प्लास्टर भी नहीं हुआ है। आश्चर्य तो यह है कि भवन निर्माण में हुई अनियमितता संबंधित उच्चाधिकारियों के संज्ञान में होने के बाद भी दोषियों पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है। डीपीआरओ की ओर से भवन का मूल्यांकन भी कराया चा चुका है। ग्राम प्रधान जयप्रकाश यादव ने भी उच्चाधिकारियों को इस बाबत पत्र दिया है, लेकिन नतीजा सिफर रहा है। एडीओ पंचायत प्रमोद कुमार सिंह का कहना है कि भवन का मूल्यांकन कराया गया है। तत्कालीन सचिव को पुन: नगरा बुलाने का प्रयास किया जा रहा है। सचिव के आने के बाद भवन को पूर्ण कराया जाएगा।
शिवबाबू त्रिपाठी।
शिवबाबू त्रिपाठी।