बी-पैक्स और सहकारी समितियों को अब पांच लाख रुपये के बदले 10 लाख रुपये की सरकारी सहायता मिलेगी। ऐसे में रबी की बोआई के समय डाई-यूरिया के लिए जूझने वाले किसानों को खरीफ फसल की बोआई के समय खाद के लिए नहीं जूझना पड़ेगा।
सहकारिता विभाग के सहायक आयुक्त व सहायक निबंधक ब्रजेश पाठक ने बताया कि सभी समितियों को पांच लाख रुपये दिए जाते हैं। इस धनराशि का वर्ष में दो बार सत्यापन किया जाता है। पहले खरीफ सीजन के अंत में 30 सितंबर के बाद व दूसरी रबी सीजन के अंत में 31 मार्च के बाद सत्यापन होता है। इस बार अब तक विभाग की ओर से 146 आरकेवीवाई समितियों में से 72 समितियों का सत्यापन करा लिया गया है। सहकारी समितियों के राष्ट्रीय कृषि विकास योजना की धनराशि दो करोड़ 80 लाख रुपये पीसीएफ की ओर से जिला सहकारी बैंक के बलिया शाखा में स्थानांतरित करा दिए गए हैं। सत्यापन के बाद शेष समितियों की धनराशि पीसीएफ जिला सहकारी बैंक में भेज देगा। इसके बाद सहकारी बैंक किसानों के हित में प्रत्येक समितियों को उर्वरक व्यवसाय के लिए दस लाख रुपये तक का ऋण देगा। तब किसानों व समितियों को खाद-बीज के लिए धन की समस्या नहीं हो पाएगी।
शिवबाबू त्रिपाठी।
शिवबाबू त्रिपाठी।