खान अधिकारी पंकज सिंह ने बताया कि खनन पट्टे की किस्त एडवांस जमा होती है। पांच हेक्टेयर खनन पर हर तीन माह पर 85 लाख रुपये की किस्त देनी थी। पट्टा धारक की ओर से दो किस्त का एक करोड़ 70 लाख रुपये जमा किया गया और दो किस्त देना बाकी था।
किस्त जमा न करने पर नवंबर 2018 में पट्टा निरस्त कर राजस्व वसूली का आदेश जारी किया गया था। इस पर पट्टाधारक ने मंडलायुक्त के यहां अपील की थी। आयुक्त प्रीती शुक्ला ने मामले की सुनवाई करते हुए 28 अक्तूबर को अपील निरस्त कर दी।
अपील निरस्त करने के साथ ही बकाया राजस्व वसूली करने का आदेश दिया। दो किस्त का एक करोड़ 70 लाख रुपये बकाया था। इसमें आठ लाख रुपये ब्याज मिलाकर एक करोड़ 78 लाख रुपये की रिकवरी का आदेश हुआ है। अब राजस्व विभाग की टीम वसूली करेगी।
खान अधिकारी पंकज सिंह ने बताया कि दो किस्त जमा न करने पर नवंबर 2018 में पट्टा निरस्त कर रिकवरी का आदेश हुआ था। मामले में 28 अक्तूबर 2020 को आयुक्त ने पट्टाधारक की अपील को निरस्त कर दिया। आठ लाख के ब्याज सहित एक करोड़ 78 लाख रुपये राजस्व वसूली का आदेश दिया है। अब राजस्व टीम वसूली करेगी।