मऊ सदर के विधायक मुख्तार अंसारी को बांदा जेल शिफ्ट करने के प्रदेश सरकार के आदेश ने पूर्वांचल के बाहुबलियों की नींद उड़ा दी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तेवर देख जेल से आपराधिक साम्राज्य संचालित करने वालों को भय सताने लगा है कि उनके खिलाफ दर्ज मामलों में अब प्रभावी तरीके से पैरवी हो सकती है। साथ ही, अब जेल के भीतर से जरायम की दुनिया में रसूख बनाए रखना भी मुश्किल होगा।
केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा और एमएलसी बृजेश सिंह से खुद की जान को खतरा बताने वाले मुख्तार अंसारी का बुधवार को कहना था कि उन्हें साजिशन लखनऊ जेल से आगरा जेल शिफ्ट किया जा रहा है।
मगर, प्रदेश सरकार ने मुख्तार को आगरा भेजने के बजाय गुरुवार को अतिरिक्त सुरक्षा देकर बांदा जेल शिफ्ट कर दिया। प्रदेश सरकार के इस तेवर को देख पूर्वांचल की जरायम की दुनिया के लोगों में खलबली मच गई है।
पूर्वांचल के चर्चित नामों में एमएलसी बृजेश सिंह वाराणसी सेंट्रल जेल, सुभाष ठाकुर फतेहगढ़ जेल, मुन्ना बजरंगी झांसी जेल और उदयभान सिंह डॉक्टर फतेहगढ़ जेल में हैं।
बीकेडी का खास बिरादर मथुरा जेल में और नामवर बुलंदशहर जेल में, रमेश सिंह काका बुलंदशहर जेल और अजय-विजय बांदा जेल में निरुद्ध हैं। वहीं, पूर्व एमएलसी विनीत सिंह सूबे से बाहर झारखंड की रांची सेंट्रल जेल में निरुद्ध हैं।
इन सभी में कोई न्यायिक आदेश से तो कोई प्रशासनिक आधार पर मौजूदा समय में अलग-अलग जेल में निरुद्ध है।