कटान रोकने के लिए बनेगी वॉल
मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर मिट्टी के कटान की समस्या है। इसे देखते हुए यहां एक रिटेनिंग वाॅल बनाई जाएगी। इससे कटान को रोका जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि पिछले दिनों कटान की जानकारी मिलने पर कार्यदायी एजेंसी के इंजीनियरों ने मिट्टी की जांच कराई। इसके बाद मिट्टी के दलदली होने की जानकारी मिली।
मणिकर्णिका पर जल निगम की ओर से सीवर का कार्य कराया जाना है जबकि हरिश्चंद्र पर बिजली निगम को लाइन शिफ्ट करना है। यहां शवदाह की पूरी प्रक्रिया अत्याधुनिक होगी। चुनार और जयपुर के पत्थरों से निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा। इसके निर्माण पर 36.86 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
रोपवे यात्रियों के लिए अलग कॉरिडोर
कैंट रेलवे स्टेशन से रोपवे जाने वाले यात्रियों के लिए अलग कॉरिडोर बनेगा। इस कॉरिडोर से होकर रेलवे स्टेशन के यात्री रोपवे की ओर जा सकेंगे। अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी को रेलवे के यात्रियों की परेशानियों को ध्यान में रख निर्माण कार्य पूरा कराने को कहा गया था। इसमें रोपवे के परिचालन, सामान्य प्रबंधन, आपदा प्रबंधन सहित कई बिंदुओं पर चर्चा की गई थी।
पहले चरण का काम अंतिम दौर में है। कैंट, भारतमाता मंदिर और रथयात्रा पर स्टेशन निर्माण कार्य चल रहा है। रथयात्रा पर ही ट्राॅली की पार्किंग का भी काम चल रहा है। 2025 में लोकार्पण की तैयारी है। वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित गर्ग ने विभागों को यूटिलिटी शिफ्टिंग की जिम्मेदारी दी है।