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बीएड की प्रवेश परीक्षा आज, मास्क और सैनिटाइजर के बिना नहीं मिलेगा प्रवेश, दो पालियों में 109 केंद्रों पर होगी परीक्षा

Sun, 09 Aug 2020 12:01 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा में केंद्र पर बिना मास्क और सैनिटाइजर के प्रवेश नहीं दिया जाएगा। जिले में बनाए गए 109 परीक्षा केंद्रों पर   तैयारियों को शनिवार को अंतिम रूप दिया गया। अभ्यर्थियों के पहुंचने का सिलसिला शनिवार की सुबह से ही शुरू हो गया। रविवार को दो पालियों में बीएड प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जाएगा।

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जिले में बनाए गए 109 परीक्षा केंद्रों को शनिवार को सैनिटाइज किया गया। इसके साथ ही सभी केंद्रों पर कर्मचारी अनुक्रमांक के हिसाब से डेस्क स्लिप लगाने में मशगूल रहे। सभी केंद्रों पर 39177 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। छात्रों को मास्क और सैनेटाइजर लेकर आने को कहा गया है। करीब पांच महीने बाद कोई परीक्षा हो रही है। इसे लेकर छात्रों में भय और दहशत का भी माहौल है। केंद्रों पर भी मास्क रखने का निर्देश दिया गया है जो अभ्यर्थी मास्क लेकर नहीं आएंगे उनको मास्क उपलब्ध कराया जाएगा।

बीएड प्रवेश परीक्षा के दौरान थर्मल स्कैनिंग में अगर किसी अभ्यर्थी का तापमान अधिक हुआ या सर्दी-जुकाम की शिकायत हुई तो उसको आइसोलेट कर दिया जाएगा। हर परीक्षा केंद्र पर ऐसे अभ्यर्थियों के लिए कमरे रिजर्व रखे गए हैं। काशी विद्यापीठ नोडल केंद्र के 64 और बीएचयू के 45 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने के एक घंटे पहले केंद्र पर पहुंचना होगा। बगैर थर्मल स्कैनिंग के कोई भी परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं कर पाएगा।
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प्रवेश पत्र की दूसरी प्रति को लेकर परेशान रहे अभ्यर्थी - फोटो : अमर उजाला

बंदी होने के कारण परेशान हुए अभ्यर्थी दूसरे शहर से आने वालों को कैंट स्टेशन पर ही गुजारनी पड़ी रात 

प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए सुबह से ही रोडवेज बसों और निजी साधनों से परीक्षार्थियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। बंदी के कारण इन अभ्यर्थियों को परेशानी उठानी पड़ी। दुकानें बंद होने से न तो खाने को कुछ मिला और न ही स्टेशन से कोई वाहन। बसों से आने वाले अभ्यर्थियों को बंदी के कारण सेंटर देखने के लिए पैदल ही जाना पड़ा। दुकानें पूरी तरह से बंद होने के कारण खाने और रात में ठहरने का कोई इंतजाम भी नहीं कर पाए।

बलिया से पहुंचे अभ्यर्थी विनय गिरि ने बताया कि किसी तरह अपने गांव से रोडवेज की बस से आया हूं। बस में न तो सोशल डिस्टेंसिंग का इंतजाम था और न ही सैनिटाइजेशन का। बीएचयू में सेंटर पड़ा है। रोडवेज से कोई वाहन भी नहीं मिला तो पैदल ही जाना पड़ा। घर लौटना तो संभव नहीं है ऐसे में किसी तरह रात गुजारनी होगी। दुकानें बंद हैं तो खाने पीने का भी इंतजाम नहीं हो सका। गाजीपुर के रमेश प्रसाद, सोनभद्र के महेंद्र कुमार यादव और लखन प्रताप सिंह ने कहा कि परीक्षा की तारीख तो घोषित कर दी लेकिन आने-जाने का कोई इंतजाम नहीं किया। बनारस पहुंच तो गए लेकिन परीक्षा केंद्र देखने के लिए पैदल ही जाना पड़ा।

 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला।

परीक्षा केंद्रों के आसपास खुलेंगी जलपान की दुकानें, चलेंगे वाहन

जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि परीक्षा के लिए कुल 51 प्रतिनिधियों की तैनाती की गई है। हर परीक्षा केंद्र पर व्यवस्थापकों के साथ दो-दो सुपरवाइजरों की ड्यूटी लगाई गई है। परिचय पत्र, प्रवेश पत्र के आधार पर परीक्षार्थियों को आवागमन की अनुमति रहेगी और इसी को उसका पास माना जाएगा। पब्लिक और निजी वाहन चलेंगे और रोडवेज पर भी अतिरिक्त बसें लगाई जाएंगी। परीक्षा केंद्र के आसपास सोशल डिस्टेंसिंग के साथ जलपान की दुकानें खोलने की भी अनुमति होगी। परीक्षा केंद्र के 500 मीटर के दायरे में फोटो स्टेट, फैक्स, पीसीओ, साइबर कैफे आदि की दुकानें प्रतिबंधित होंगीं।
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