प्रवेश पत्र की दूसरी प्रति को लेकर परेशान रहे अभ्यर्थी
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बंदी होने के कारण परेशान हुए अभ्यर्थी दूसरे शहर से आने वालों को कैंट स्टेशन पर ही गुजारनी पड़ी रात
प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए सुबह से ही रोडवेज बसों और निजी साधनों से परीक्षार्थियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। बंदी के कारण इन अभ्यर्थियों को परेशानी उठानी पड़ी। दुकानें बंद होने से न तो खाने को कुछ मिला और न ही स्टेशन से कोई वाहन। बसों से आने वाले अभ्यर्थियों को बंदी के कारण सेंटर देखने के लिए पैदल ही जाना पड़ा। दुकानें पूरी तरह से बंद होने के कारण खाने और रात में ठहरने का कोई इंतजाम भी नहीं कर पाए।
बलिया से पहुंचे अभ्यर्थी विनय गिरि ने बताया कि किसी तरह अपने गांव से रोडवेज की बस से आया हूं। बस में न तो सोशल डिस्टेंसिंग का इंतजाम था और न ही सैनिटाइजेशन का। बीएचयू में सेंटर पड़ा है। रोडवेज से कोई वाहन भी नहीं मिला तो पैदल ही जाना पड़ा। घर लौटना तो संभव नहीं है ऐसे में किसी तरह रात गुजारनी होगी। दुकानें बंद हैं तो खाने पीने का भी इंतजाम नहीं हो सका। गाजीपुर के रमेश प्रसाद, सोनभद्र के महेंद्र कुमार यादव और लखन प्रताप सिंह ने कहा कि परीक्षा की तारीख तो घोषित कर दी लेकिन आने-जाने का कोई इंतजाम नहीं किया। बनारस पहुंच तो गए लेकिन परीक्षा केंद्र देखने के लिए पैदल ही जाना पड़ा।
परीक्षा केंद्रों के आसपास खुलेंगी जलपान की दुकानें, चलेंगे वाहन
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि परीक्षा के लिए कुल 51 प्रतिनिधियों की तैनाती की गई है। हर परीक्षा केंद्र पर व्यवस्थापकों के साथ दो-दो सुपरवाइजरों की ड्यूटी लगाई गई है। परिचय पत्र, प्रवेश पत्र के आधार पर परीक्षार्थियों को आवागमन की अनुमति रहेगी और इसी को उसका पास माना जाएगा। पब्लिक और निजी वाहन चलेंगे और रोडवेज पर भी अतिरिक्त बसें लगाई जाएंगी। परीक्षा केंद्र के आसपास सोशल डिस्टेंसिंग के साथ जलपान की दुकानें खोलने की भी अनुमति होगी। परीक्षा केंद्र के 500 मीटर के दायरे में फोटो स्टेट, फैक्स, पीसीओ, साइबर कैफे आदि की दुकानें प्रतिबंधित होंगीं।