लखनऊ, कानपुर और नोएडा को माना जाता है बिजनेस हब
प्रदेश में विकास की धुरी कहे जाने वाले लखनऊ, कानपुर और नोएडा को पछाड़कर आजमगढ़ प्रथम स्थान पर पहुंच गया है। वाराणसी, लखनऊ और कानपुर नगर तीनों को ही शासन द्वारा 3000-3000 रोजगार इकाइयां स्थापित करने का एक समान लक्ष्य मिला था। वहीं, गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) को 1700 रोजगार का लक्ष्य दिया गया था। इसके अलावा आजमगढ़ को 2900 का लक्ष्य दिया गया था।
इसमें आजमगढ़ और वाराणसी ने अपने आवेदनों को लोन में बदलने में कहीं अधिक कुशलता दिखाई है। लखनऊ 5.80% लोन वितरण दर के साथ राज्य में 33वें स्थान पर पिछड़ गया है। कानपुर नगर 5.53% की कछुआ गति के साथ सूची में 40वें स्थान पर खिसक गया है। प्रदेश का सबसे बड़ा बिजनेस हब माना जाने वाला गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) मात्र 4.65% की वितरण दर के साथ 58वें पायदान पर अटका हुआ है।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत वाराणसी का प्रदेश में छठवां और पूर्वांचल में तीसरा स्थान हमारी टीम और स्थानीय युवाओं के साझा प्रयासों का परिणाम है। शासन द्वारा दिए गए 3000 रोजगार इकाइयों के लक्ष्य के सापेक्ष प्राप्त आवेदनों में से 235 युवाओं के खातों में लोन राशि ट्रांसफर भी हो चुकी है। बचे हुए आवेदनों को भी जल्द से जल्द स्वीकृत कराने के लिए बैंकों के साथ लगातार फॉलो-अप किया जा रहा है। - अभिषेक प्रियदर्शी, उपायुक्त, उद्योग विभाग।
मंडल में वाराणसी आगे पहुंच रहा है। लखनऊ, कानपुर और नोएडा जैसे स्थापित औद्योगिक व व्यावसायिक महानगरों को पछाड़कर राज्य स्तर पर छठवां और पूर्वांचल में तीसरा स्थान प्राप्त करना यह दर्शाता है कि हमारे क्षेत्र में ग्राउंड लेवल पर प्रशासनिक मशीनरी और बैंकों ने मिलकर पूरी तत्परता से काम किया है। हमारा प्रयास वाराणसी मंडल को प्रदेश में स्वरोजगार का अग्रणी मॉडल बनाने का है। - मोहन शर्मा, संयुक्त आयुक्त, उद्योग विभाग।