आजमगढ़ जिले के पूर्व सांसद रामकृष्ण यादव का शनिवार को लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ में निधन हो गया। इसकी जानकारी मिलते ही जनपद में शोक की लहर दौड़ गई। समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यालय में शोकसभा कर श्रद्धांजलि दी गई।
निवर्तमान जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा कि रामकृष्ण जी गरीबों, मजलूमों, पिछड़ों, दलितों व अल्पसंख्यकों के हितैषी थे। वे उनकी लड़ाई बराबर लड़ते रहे। उनकी राजनीतिक शुरुआत कम्युनिस्ट पार्टी से हुई थी। वे 1989 में बसपा के टिकट पर सांसद चुने गए। लोकसभा में उन्होंने आजमगढ़ की आवाज बराबर उठाई।
मुलायम सिंह यादव की नीतियों से प्रभावित होकर बाद में वे समाजवादी पार्टी में आ गए। अखिलेश यादव की सरकार में गन्ना शोध संस्थान के उपाध्यक्ष रहे। उनके निधन से समाजवादी पार्टी की अपूर्णनीय क्षति हुई है। शोकसभा में राजबहादुर यादव, रामदरस यादव, राजाराम सोनकर, संतोष सोनकर, रिंकू यादव, मेराज अहमद, अब्दुर्रहमान, ओंकार यादव, रामपलट यादव आदि मौजूद थे।