काशी हिंदू विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग की ओर से एंफीथियेटर मैदान में एथलेटिक्स कार्यशाला का आयोजन हुआ। प्रशिक्षण के बाद जेवलिन थ्रो की प्रतियोगिता हुई। इसमें विश्वविद्यालयीय प्रतियोगिता के राष्ट्रीय खिलाड़ी आयुष सांडिल्य 54 मीटर भाला फेंकने में कामयाब हुए। शारीरिक शिक्षा विभाग की ओर से एथलेटिक्स कार्यशाल में प्रो. टीम ओनिमा रेड्डी ने खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि जेवलीन थ्रो में इंजरी की संभावना अधिक होती है। इससे बचने के लिए खिलाड़ियों को समय समय पर नई तकनीक की जानकारी दी जाती है। हाथ की कलाईयों के अलावा कंधे का प्रयोग एक एंगल से करना होता है। स्पर्धा में उतरने से पहले खिलाड़ी को अनिवार्य रूप से वार्मअप करना चाहिए।