जिला प्रशासन की अनूठी पहल पर आयोजित काशी वंदन सांस्कृतिक कार्यक्रम में कला और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान बृष्टि चक्रवर्ती और उनके समूह ने राजस्थानी लोकनृत्य प्रस्तुत कर समा बांध दिया। सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ समूह ने राजस्थान के सुप्रसिद्ध और पारंपरिक गीत केसरिया बालम पधारो म्हारे देस पर आधारित नृत्य से किया। इसके बाद कलाकारों ने राजस्थान के गौरवमयी नृत्य घूमर और केसरिया बालम री थारी बोली प्यारी लागे... जैसे लोकप्रिय गीतों पर एक से बढ़कर एक उत्कृष्ट नृत्य प्रस्तुत किए। इस दौरान अनूप कुमार मिश्रा, कार्यक्रम संयोजक अंशुमान महाराज समेत अन्य मौजूद रहे।