वाराणसी। यूपी सिविल कोर्ट सेंट्रलाइज रिक्रूटमेंट परीक्षा में सॉल्वर बनकर परीक्षार्थी की जगह परीक्षा देने के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने कुर्की की कार्रवाई शुरू कर दी है। लंका पुलिस की ओर से प्रयागराज निवासी रावेंद्र (लालापुर) और विजय कुमार (सोरांव) के खिलाफ कुर्की का नोटिस जारी किया गया है। इसी मामले में प्रयागराज निवासी मनीष कुमार के खिलाफ भी कुर्की का नोटिस जारी हुआ था। हालांकि, मनीष ने बीते 19 अगस्त को वाराणसी की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था।
एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने बताया कि लंका थाने में वर्ष 2025 में दर्ज प्राथमिकी की विवेचना के दौरान तीनों आरोपियों के नाम सामने आए थे। पुलिस के अनुसार, चार जनवरी 2025 को बीएचयू परिसर स्थित केंद्रीय विद्यालय में यूपी सिविल कोर्ट सेंट्रलाइज रिक्रूटमेंट परीक्षा आयोजित की जा रही थी। परीक्षा के दौरान एनटीए की ओर से प्रयागराज निवासी परीक्षार्थी मनीष कुमार की बायोमेट्रिक पहचान का मिलान नहीं होने की जानकारी दी गई। जांच में सामने आया कि परीक्षा केंद्र पर मनीष कुमार के स्थान पर झारखंड निवासी एक व्यक्ति सॉल्वर बनकर परीक्षा देने पहुंचा था। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई तो सॉल्वर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आए। पुलिस अब फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। न्यायालय के आदेश के बाद कुर्की की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। पुलिस का कहना है कि परीक्षा में नकल और फर्जीवाड़े में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।