बवाल के बाद टूटी खिड़कियां।
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आरोप है कि इसी बीच राजकुमार के साथ आए युवकों ने दरवाजा क्षतिग्रस्त करते हुए निर्माणाधीन दीवार ढहाने का प्रयास करने लगे। यह मालूम चलते ही मंदिर के प्रबंधक सुरेंद्र यादव भी पहुंचे और विरोध करने लगे तो राजकुमार संग आए कुछ युवकों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस दौरान मंदिर के कुछ और कर्मचारी पहुंचे तो शरारती युवकों ने डंडे और हाकी से हमला कर प्रबंधक सुरेंद्र सहित अन्य कर्मियों को घायल कर दिया। पत्थरबाजी के दौरान तीन चार पहिया वाहन अन्य दो बाइक भी क्षतिग्रस्त हो गई।
पुलिस ने घायल मंदिर प्रबंधक सुरेंद्र यादव, आश्रम के बृजभूषण चौबे, पवन कुमार, जयप्रकाश पांडेय, भरत दूबे, नीरज पांडेय, मृत्युंजय सिंह, संतोष राम, रामदेव पासवान, कमलेश पांडेय आदि को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। मंदिर के निखिल की तहरीर पर पुलिस ने तरयां गांव निवासी राजकुमार यादव समेत 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
...तो बच्चे भी होते घायल
सत्संग भवन पर गुरुकुल भी है। यहां बच्चे पठन-पाठन करते हैं। पत्थरबाजी और मारपीट के दौरान मची अफरा-तफरी के बीच आश्रम के कुछ सदस्यों ने बच्चों को मौके से हटाया। इस बीच यदि बच्चे नहीं हटाए जाते तो जिस तरह से पत्थरबाजी हो रही थी, उसमें दर्जनों बच्चों के घायल होने की आशंका थी।
तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। शांति व कानून व्यवस्था की स्थिति बिगाड़ने वालों के साथ पुलिस बेहद ही सख्ती के साथ पेश आएगी। - अभिषेक कुमार पांडेय, सीओ पिंडरा।