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Varanasi News: एएसआई ने टोपोग्राफी कर खींचा ज्ञानवापी के सर्वे का खाका

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एएसआई की टीम ने सोमवार को साढ़े पांच घंटे की मशक्कत के बाद मशीन का उपयोग किए बगैर ही पूरे परिसर का नक्शा तैयार कर लिया है। टोपोग्राफी करके सर्वे का खाका खींचा है। यदि सर्वे की प्रक्रिया आगे बढ़ी तो चरणबद्ध तरीके से एएसआई सभी तकनीक का उपयोग करके साक्ष्य जुटाएगा। सोमवार को जो साक्ष्य जुटाए गए, उसे सुरक्षित कर लिया गया है। जिला जज की अदालत के आदेश पर सर्वे करने आई एएसआई के विशेषज्ञों ने प्रशासनिक अधिकारियों से बात की और सर्वे की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी। साफ किया कि पांच-छह दिनों की सर्वे प्रक्रिया में किसी मशीन आदि का उपयोग नहीं किया जाएगा। कागज पर ही नक्शा बनाकर ज्ञानवापी परिसर की आकृति तैयार की जाएगी। इसी क्रम में सोमवार लोकेशन आदि की टोपोग्राफी शीट पर उतारी गई। दरअसल, टोपोग्राफी ग्रह विज्ञान की शाखा है। इसके पृथ्वी की सतह के आकार व आकृति का अध्ययन किया जाता है।
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अधिकारियों ने बताया कि यदि सर्वे आगे बढ़ा तो रडार तकनीक का उपयोग भी किया जाएगा। ग्राउंड पेनेट्रेटिक राडार से कंक्रीट, डामर, धातु, पाइप, केबल या चिनाई जैसी भूमिगत वस्तुओं की जांच की जाएगी। कार्बन डेटिंग से इमारत व उसके निर्माण की उम्र आदि का पता लगाया जाएगा। नमूनों को जुटाने के बाद जरूरत पड़ी तो ही खुदाई की जाएगी। अधिकारियों ने आपसी में चर्चा में बताया कि इस पूरी प्रक्रिया में आधारभूत ढांचा से किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। किसी तरह के नुकसान की आशंका नहीं है। एएसआई की इन सभी पद्धतियों की मदद से निर्माण की अवधि, जमीन के अंदर दबे प्रमाण आदि की सच्चाई सामने आ जाती है।


एएसआई की टीम लौटी, अगले निर्णय का इंतजार
सुप्रीम कोर्ट से रोक की सूचना मिलने के बाद एएसआई की टीम लौट गई। टीम में लखनऊ, गुजरात, पटना व आगरा के विशेषज्ञ शामिल किए गए थे। टीम के वैज्ञानिकों ने अधिकारियों को बताया कि अब 26 जुलाई के बाद आगे की कार्ययोजना पर मंथन किया जाएगा। उधर, सोमवार को किए गए सर्वे में जुटाए गए साक्ष्यों को भी सुरक्षित कर लिया गया है।
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