चैत्र नवरात्र की अष्टमी पर बृहस्पतिवार को भक्तों ने करीब 26 घंटे व्रत रखकर मां की आराधना की। देवी मंदिरों में 15 से 19 घंटे दर्शन-पूजन का सिलसिला चला। दिनभर मंदिरों में दर्शन के लिए भीड़ रही। जगह-जगह मंदिरों, मठों और घरों में 50 हजार से अधिक कन्याओं का पूजन हुआ। अखंड मानस व दुर्गासप्तशती पाठ हुआ। शुक्रवार को रामनवमी पूजा होगी और श्रीराम जन्मोत्सव की धूम रहेगी।
शुक्रवार को भक्तों ने अष्टमी व्रत रखकर देवी मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। कुछ मंदिरों में दर्शन के लिए दिनभर लाइन लगी रही। फूलमाला और फलों की दुकानों पर भीड़ थी। काफी स्थानों पर कन्याओं का पूजन कर पांव पखारे गए। उनको भोज करवाकर उपहार दिया गया। कुछ स्थानों पर दोपहर में नवमी तिथि चढ़ने के कारण हवन-पूजन भी हुआ। शुक्रवार को रामनवमी पर हवन पूजन, कन्या पूजन, जगह-जगह से शोभायात्राएं निकाली जाएंगी। अखंड रामायण की पूर्णाहुति होगी। श्रीरामकथा मंदाकिनी समिति की ओर से अस्सी से शोभायात्रा, नागरिक संघ की ओर से डॉ. राजेंद्र प्रसाद घाट पर राममय रात आदि आयोजन होंगे।
501 कन्याओं का पूजन कर हुआ सम्मान
सामूहिक रुद्राभिषेक पीठ की ओर से सारनाथ स्थित श्री चित्रगुप्त राधेकृष्ण मंदिर (काशी कुष्ठ सेवा संघ आश्रम) में 501 कन्याओं का सामूहिक पूजन हुअ। साथ ही समाज सेवा में समर्पित महिलाओं को नारी शक्ति वंदन सम्मान से सम्मानित किया गया। सफेद व लाल वस्त्रों में सजीं 501 कन्याओं के पूजन से पूरा परिसर मंत्रोच्चार से गुंजायमान हो उठा। पीठ के सचिव मुकुंद टप्पू आदि ने उनका पूजन किया। इस मौके पर साधना अग्रहरि, ममता पटेल, रमेश बाबा, मुक्तेश्वरी गिरी, डॉ. राहुल सिन्हा, स्नेह रंजन, गजेंद्र, हरिशंकर, दिलीप सिंह, विनोद शर्मा आदि शामिल रहे।