पंडाल में प्रतिमाओं को स्थापित करते समिति के अध्यक्ष अशफाक हैदर।
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देश में एक तरफ जहां जात-पात, ऊंच-नीच, क्षेत्रवाद व संप्रदायवाद फन काढ़े हुए है, वहीं दूसरी ओर कई ऐसे लोग भी हैं जो देश की सांप्रदायिक एकता को मजबूत कर रहे हैं। इसी में एक हैं अशफाक हैदर। जो दो वर्षों से अपने गांव के दुर्गा पूजा महोत्सव की जिम्मेदारी उठा रहे हैं।
यूपी के चंदौली जिले में मुख्यालय से सटे बिछियां कला गांव निवासी अशफाक हैदर स्नातक की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। मिलनसार स्वभाव वाले अशफाक हैदर को गांव के लोगों ने दुर्गा पूजा समिति का अध्यक्ष चुन दिया। शुरू में अशफाक को हिचकिचाह हुई, लेकिन साथियों ने साथ दिया तो उनके हौसले भी बुलंद हुए। हालांकि इस दौरान उन्हें धार्मिक विरोध का भी सामना करना पड़ा।
शुरुआती दौर में उन्हें काफी तंज सुनने को मिले, लेकिन उन्होंने इसकी परवाह नहीं की। अपने अध्यक्षीय नेतृत्व में पिछले वर्ष दुर्गा पूजा महोत्सव शांतिपूर्ण व शानदार तरीके से संपन्न कराया तो गांव वालों ने अबकी बार उन्हें पुन: अध्यक्ष पद पर बने रहने का आग्रह किया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।
अशफाक खुद रात-रात भर जाग कर पंडाल निर्माण कार्य की निरागनी करते हैं। समिति के सदस्यों के साथ मूर्तियां लाते हैं और साथियों के सहयोग से खुद ही उसे पंडाल में स्थापित करवाते हैं। इसके अलावा पंडाल के बाहर भव्य साज-सज्जा से लगायत मां दुर्गा की आरती समेत अन्य धार्मिक अनुष्ठान भी खुद की मौजूदगी में संपन्न कराते हैं।