इस पर लोगों ने बताया कि प्रत्याशी के लिए रोक नहीं है। अरुण जेटली ने कहा कि यह सूचना प्रसारित करा दें कि भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र मोदी बीएचयू हेलीपैड से सड़क मार्ग से सिगरा स्थित गुरुधाम तक आएंगे। उन्होंने पदाधिकारियों को हिदायत भी दी कि कोई उन्हें रिसीव करने नहीं जाएं, वे खुद ब खुद आ जाएंगे। अगले दिन काशी की जनता नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए सड़कों पर उतर गई।
अंतिम बार विधानसभा चुनाव में आए थे पूर्व वित्त मंत्री :
पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का अंतिम काशी दौरा वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में था। उस वक्त उन्होंने मलदहिया स्थित प्लाजा में व्यापारियों की बड़ी बैठक की थी। यहां प्रेसवार्ता कर भाजपा के घोषणा पत्र के बारे में बताया था। इसके अलावा व्यापारियों और उद्यमियों के अलग-अलग कार्यक्रम में शिरकत की थी।
मोरारी बापू की मौजूदगी में शव वाहिनी का किया था लोकार्पण :
28 मार्च 2015 में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अस्सी घाट से जल, थल शव वाहिनी का लोकार्पण किया था। पूर्वांचल सहित अन्य शहरों से मोक्ष प्राप्ति के लिए आने वाले लोगों को दुश्वारियों से बचाने के लिए यह पहल की गई थी। उस दौरान रामकथा मर्मज्ञ मोरारी बापू मौजूद थे।
बीएचयू के लॉ छात्रों ने की थी इंटर्नशिप :
वर्ष 2007 में बीएचयू के विधि संकाय के प्रोफेसर एमपी सिंह के निर्देशन में लॉ छात्रों ने इंटर्नशिप की थी। अधिवक्ता राज श्रीवास्तव का कहना है कि वे पूरी गंभीरता से इंटर्न से भी बात करते थे। युवाओं को हमेशा प्रमोट भी करते थे।
एमएलसी अशोक धवन ने बताया कि वित्त मंत्री के रुप में अरुण जेटली के कार्यकाल को सदैव याद रखा जाएगा। एक राष्ट्र, एक कर को लागू कर उन्होंने ऐतिहासिक निर्णय लिया था। उनका असमय जाना भारतीय राजनीति की क्षति है।
राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डा. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि अद्भुत वक्ता, अधिवक्ता, वाकपटु और भारतीय राजनीति के सिरमौर नेता के रुप में अरुण जेटली की पहचान थी। उनके जाने से रिक्त हुआ स्थान अब शायद नहीं भर पाएगा। तो वहीं कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि प्रखर वक्ता पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली के निधन की सूचना से पूरा देश स्तब्ध है। उनका निधन देश और समस्त भाजपा परिवार के लिए एक बड़ी क्षति है।