नमो घाट पर सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति करते कलाकार। स्रोत समिति
नमो घाट पर बुधवार को आयोजित काशी वंदन सांस्कृतिक संध्या में हैदराबाद से आए श्री तांडव नृत्य अकादमी के कलाकारों ने कुचीपुड़ी नृत्य की मनोहारी प्रस्तुतियों से आध्यात्मिक वातावरण रच दिया। शास्त्रीय संगीत और सधे हुए पदचापों ने काशी की संध्या को जीवंत बना दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान गणेश की वंदना से हुआ। एक-दंताय... पर आधारित समूह नृत्य ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। इसके बाद भगवान विष्णु के दशावतार पर केंद्रित एकल प्रस्तुति में कलाकार ने उत्कृष्ट भाव-भंगिमाओं से सभी अवतारों को प्रभावी ढंग से मंचित किया। पारंपरिक कुचीपुड़ी शैली में प्रस्तुत समूह नृत्य ने दर्शकों को इस दक्षिण भारतीय शास्त्रीय कला की सूक्ष्मताओं से परिचित कराया। संध्या का मुख्य आकर्षण मां विशालाक्षी को समर्पित प्रस्तुति रही। समापन ‘भो शंभू’ पर आधारित शिव स्तुति से हुआ, जिसने वातावरण को शिवमय कर दिया। निर्देशन कोना जानकी मोहन राव का रहा।