नवोदित कलाकारों ने सोमवार को सुर, लय, ताल की त्रिवेणी बहाकर शिवपुर स्थित नवसाधना कला केंद्र के बीपीए और एमपीए के नए सत्र का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्य अतिथि वाराणसी धर्मप्रांत के धर्माचार्य बिशप फादर यूजीन जोसेफ ने छात्र-छात्राओं को सीख दी की साधना के दम पर ही प्रकृति और पुरुष के तत्व को आत्मसात किया जा सकता है। सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत बीपीए के छात्र-छात्राओं द्वारा राग अहिर भैरव में ‘हरि तुम भक्तन के प्रतिपाल आय पड़ा हूं, शरण तिहारे से किया। बीपीए द्वितीय वर्ष के छात्रों ने पुष्पांजलि नृत्य में नृत्य के द्वारा ईश्वर और गुरु के ज्योतिर्मय स्वरूप का वंदन किया। वहीं करिश्मा केसरी व सुष्मिता ने अर्द्धनारीश्वर नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर कामिनी मोहन पांडेय, साहित्यकार डॉ. रामसुधार सिंह, प्रो. गोविंद वर्मा, उप प्राचार्य सिस्टर रोजली, मंजू, फादर सुनील मथाइस, स्वाति उपाध्याय, ज्योति आदि मौजूद रहे।