वाराणसी के रणबांकुरे स्टेडियम में चल रही सेना भर्ती के अंतिम दिन मंगलवार को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सभी जिलों के लिए धर्मगुरुओं की भर्ती हुई। धर्म गुरुओं की भर्ती में इस बार सेना ने भर्ती के नियमों में बदलाव किया।
धर्म गुरुओं के लिए आवेदन करने वालों को सोलह मीटर की जो दौड़ पहले आठ मिनट में पूरी करनी होती थी उसे घटाकर इस बार 5:45 मिनट कर दिया गया है। इसका असर भी देखने को मिला। भर्ती के लिए 2050 आवेदकों ने दौड़ लगाई लेकिन इसमें महज 78 ही दौड़ को पास कर पाए।
वहीं मंगलवार को ही गाजीपुर जिले के जखनिया, जमानिया एवं मोहम्मदाबाद तहसील की सोल्जर ट्रेडमैन और नर्सिंग असिस्टेंट की भर्ती हुई। इसके लिए कुल 3597 युवकों ने रजिस्ट्रेशन कराया था लेकिन इसमें से 1837 युवक ही पहुंचे। 315 युवक लंबाई कम होने की वजह से छंट गए। 1522 युवकों ने दौड़ में हिस्सा लिया जिसमें 126 युवक सफल हुए।
वाराणसी से 1598 आवेदन
सेना भर्ती
- फोटो : अमर उजाला
धर्म गुरु के लिए वाराणसी से 1598 लोगों ने आवेदन किया था। इसमें पंडित के लिए 1066 और मौलवी के लिए 65 लोगों ने आवेदन किया था। पंडित के लिए आवेदन करने वालों में सबसे ज्यादा संपूर्णनंद संस्कृत विश्वविद्यालय के छात्र या पूर्व छात्र रहे हैं।
अब से अन्य शारीरिक, मेडिकल और लिखित परीक्षा में भाग लेंगे। अगली भर्ती जून में होने की उम्मीद है। हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई के लिए धर्म गुरु पद के लिए कुल 7096 लोगों ने आवेदन किया था।
इसमें हिंदू धर्म गुरु पंडित के लिए 6741, सिख धर्म गुरु के लिए 6, पादरी के लिए 4, मुस्लिम धर्म गुरु मौलवी के लिए 345 लोगों ने आवेदन किया था। धर्म गुरु के लिए आवेदन करने वालों की उम्र 34 साल तक होनी चाहिए। स्नातक के साथ ही उनके पास आचार्य या फिर इसके समकक्ष डिग्री होनी चाहिए।