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सड़क हादसे में सेना के जवान की मौत, शव पहुंचते ही पूरे गांव में मचा कोहराम

Mon, 22 May 2017 06:29 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,गाजीपुर
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तिरंगा में लिपटे शैलेंद्र के शव पर पुष्प चक्र अर्पित - फोटो : अमर उजाला
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जम्मू के उधमपुर में आर्मी में पोस्टेड गाजीपुर की धरती का लाल एक सड़क हादसे का शिकार हो गए। सोमवार की सुबह रेहटीमालीपुर गांव में जवान के घर शव आते ही कोहराम मच गया। तिरंगा में लिपटे शैलेंद्र के शव पर सेना के जवानों ने पुष्प चक्र अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित किया।
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ग्रामीणों ने नम आंखों के देश की सेवा में लगे इस लाल को अंतिम विदाई दी। शव का अंतिम संस्कार गाजीपुर श्मशान घाट पर किया गया। बीते शनिवार को जम्मू के उधमपुर में सड़क दुर्घटना में शैलेंद्र पांडेय की मौत हो गई थी।

सड़क दुर्घटना में हुई जवान शैलेंद्र पांडेय की मौत की सूचना आते ही परिवार में कोहराम मच गया था। पिता शिवमूर्ति पांडेय, पत्नी मीनाक्षी पांडेय दहाड़े मारकर चीखने-चिल्लाने लगे थे। सोमवार को परिवार के लोगों के साथ ही ग्रामीण आंखों में आंसू लिए शव आने का इंतजार कर रहे थे। चारों तरफ खामोशी का माहौल था।
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जैसे ही दिन में 11 बजे सेना के जवान शैलेंद्र का शव लेकर घर पहुंचे, फिजा में परिवार वालों की चीख-पुकार गूंजने लगी। पिता, मृतक की पत्नी सहित बच्चे दहाड़े मारकर रोने लगे। माहौल पूरी तरह से गमगीन हो गया। मौके पर मौजूद लोग परिवार के लोगों को सांत्वना देने में जुट गए।

तिरंगा में लिपटे शैलेंद्र के शव पर साथ आए जवानों ने पुष्प चक्र अर्पित करने के साथ ही दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि अर्पित की। उसके बाद आर्मी आट्रीनेश उधमपुर कमांडेंट हरिशंकर ने शैलेंद्र की पत्नी को सहायता राशि भेंट किया। जवान का अंतिम संस्कार गाजीपुर श्यमशान घाट पर किया गया। मुखाग्नि पिता शिवमूर्ति पांडेय ने दी। 
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छिनी बुढ़ापे की लाठी, बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

पति की मौत पर मासूम बच्चों को छाती से लगा बिलखती रही मां - फोटो : अमर उजाला
ऊपर वाला भी कभी-कभी किसी को ऐसा जख्म दे देता है, जिसे लोग ताउम्र नहीं भूल सकते। कुछ ऐसा ही हुआ शिवमूर्ति के साथ। ईश्वर ने उसे ऐसा जख्म दे दिया, जो जीवन भर नहीं भर सकता है। एक तरफ जहां इकलौते बेटे को छीनकर उसके बुढ़ापे की लाठी, वहीं बच्चों के सर से पिता साया छीन लिया। कुछ इसी तरह की बातें करते रहे गांव के लोग सेना के जवान शैलेंद्र पांडेय का शव उसके घर आने के बाद। 
होमगार्ड विभाग में उच्च पद पर तैनात शिवमूर्ति पांडेय की पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है। शैलेंद्र पांडेय इकलौता पुत्र था, जो सेना का जवान था। बेटे की कमाई से शिवमूर्ति, मृतक शैलेंद्र की पत्नी मीनाक्षी,  पांच वर्षीय बेटी अनामिका और दो वर्षीय प्रतिज्ञा का भरण-पोषण होता था। इकलौते बेटे की मौत से जहां पिता के बुढ़ापे की लाठी छिन गई, वहीं बच्चों के सर से पिता का साया उठ गया। पत्नी मीनाक्षी अपनी दोनों बेटियों को गले लगाकर बिलखते हुए ऊपर वाले की दुहाई दे रही थी। मां के विलाप को देख बच्चियों के भी आंसू थमने का नाम नहीं ले रहा था। 
 
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