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कर रहे शिक्षित, दिला रहे रोजगार

Mon, 25 May 2015 02:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
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गाजीपुर जिले का एक गांव रकसहां। आबादी करीब दस हजार। गांव में अल्पसंख्यक समुदाय के परिवार ज्यादा हैं और इलाका शैक्षणिक रूप से काफी पिछड़ा है। नतीजतन गांव के बच्चे ज्यादा पढ़-लिख नहीं पाते। इससे क्षेत्र का विकास भी अवरुद्ध है। लेकिन गांव के कुछ ऐसे युवा जिन्होंने इन सभी बाधाओं को पार कर अपनी एक अलग पहचान बनाई है ने गांव की इस तसवीर को बदलने की ठान ली है। इन युवाओं ने गांव में 27 अगस्त 2014 को ‘रकसहां वेलफेयर सोसाइटी’ का गठन किया। सोसाइटी न केवल गांव को बच्चों को शिक्षित करने बल्कि उन्हें नौकरी दिलाने का भी काम रही है।
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सोसाइटी गांव के 14 युवाओं को नौकरी दिला चुकी है। यह नेक पहल की गांव के ही आसिफ जमील ने। आसिफ जापान की एक शिपिंग कंपनी में एजीएम हैं। बताते हैं, गांव से अब तक का सफर काफी मुश्किल से तय किया। ठान लिया था कि अब गांव के बच्चों के लिए कुछ करूंगा। बस गांव के ऐसे लोग जिन्होंने अपनी मेहनत से अच्छे ओहदे हासिल किये साथ जुटाया और ये काम शुरू कर दिया। सोसाइटी में एक टीवी चैनल में काम करने वाले दानिश खान, दुबई में रहने वाले फिरोज खान व वसीम खान और न्यूजीलैंड में काम कर रहे जमील खान, दिल्ली में सीए अकबर खान, कोलकाता के यूनानी मेडिकल कालेज में अध्यापक डॉ. इमरान खान, मुंबई की एक कंपनी में बतौर साफ्टवेयर इंजीनियर नौकरी करने वाले अकबर अबुलैस और दिल्ली में नौकरी करने वाले शादाब जुबैर शामिल हैं।

सोसाइटी के सदस्य विभिन्न कंपनियों में निकलने वाली वेकेंसी पर नजर रखते हैं और इंटरव्यू में शामिल होने के लिए गांव के युवाओं को प्रोत्साहित और तैयार करते हैं। सोसाइटी बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने की दिशा में काम कर रही है। सोसाइटी के प्रयास से अब तक गांव के तारिक खान, मेराज खान, शाहिद जमाल, सलाहुद्दीन खान, जमशेद खान, मेराज अहमद, अबुललैस, शादाब खान, कमालुद्दीन खान, सेराज अहमद, सरफराज अहमद, वसीम खान, वसीम जमाल और अफरोज कई प्राइवेट संस्थानों में नौकरी मिल चुकी है।
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