गंदगी और घाटों को नुकसान पहुंचाने पर जुर्माना
घाटों पर गंदगी करने और नुकसान पहुंचाने पर जुर्माने का प्रावधान किया जा रहा है। जिम्मेदारों पर 200 से 5000 रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
अतिक्रमण पर भी होगी कार्रवाई
नियमावली के जरिये घाटों पर होने वाली मनमानी रोकी जाएगी। अब धार्मिक आयोजनों को छोड़ कर बाकी किसी भी प्रकार के आयोजन के लिए न केवल निगम से अनुमति लेनी होगी बल्कि शुल्क भी जमा करना होगा। यह व्यवस्था गंगा के सभी घाटों पर लागू होगी।
घाट का मतलब सभी स्थिर और प्रवाहमान जल के किनारे की भूमि है, जो किसी के भू स्वामित्व में नहीं है। राज्य सरकार की संपत्ति है। जमीन पर पौधे, झाड़, जंगल, प्राकृतिक उत्पाद जहां कहीं होंगे, वे भी नगर निगम के अधीन होंगे।
इन पर लागू होगी नियमावली
गंगा घाट किनारे विज्ञापन व प्रतीक चिह्न, आकाश चिह्न, अतिक्रमण, गुब्बारा, बैनर, पताका, समिति, निगम, विद्युतीय प्रतीक, गैंट्री विज्ञापन, भू विज्ञापन, प्रदीप्त प्रतीक, शामियाना, प्रक्षेपित प्रतीक, मार्ग अधिकार, छत विज्ञापन, अनुसूची, जनसुविधा स्थल पर अतिक्रमण, जल पुलिस बूथ और एनडीआरएफ बूथ पर विज्ञापन, प्रतीक संरचना, अनुज्ञा शुल्क, अस्थायी अतिक्रमण, ट्री गार्ड विज्ञापन, बसंडा प्रतीक, दीवार प्रतीक, शवदाह घाट।
गंगा घाटों को बेहतर बनाने के लिए नियमावली बनाई गई है। जल्द ही आम जनता से आपत्तियां ली जाएंगी। इनका निस्तारण करने के बाद इसे लागू किया जाएगा। इससे घाट की व्यवस्थाएं और बेहतर होंगी। - दुष्यंत कुमार मौर्या, अपर नगर आयुक्त