वहीं, गिरोह का मुख्य सरगना देवरिया के गौरी बाजार थाना क्षेत्र का रहने वाला विवेक यादव फरार चल रहा है। उसका मोबाइल फोन फिलहाल बंद है। गंगानगर जोन की सर्विलांस टीम द्वारा मोबाइल नंबर की जांच में उसकी आखिरी लोकेशन लखनऊ में पाई गई है। इसके आधार पर पुलिस की एक टीम लखनऊ के लिए रवाना कर दी गई है। साथ ही उसके परिजनों और करीबियों से भी पूछताछ की जा रही है।
पुलिस को यह भी आशंका है कि विवेक यादव ने नेपाल में भी अपना ठिकाना बना रखा है, जहां वह छिप सकता है। जांच में यह तथ्य सामने आया है कि वह चार से पांच बार नेपाल जा चुका है। इसके अलावा गिरोह के अन्य सदस्य, जिनमें राहुल यादव और उसके साथी शामिल हैं, भी कई बार नेपाल की यात्रा कर चुके हैं।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि गिरोह ने खासतौर पर 100 रुपये के जाली नोट बड़ी मात्रा में बाजार में खपाए हैं, ताकि आसानी से शक से बचा जा सके। इस मामले में पुलिस ने देवरिया के अलावा गाजीपुर, गोरखपुर, वाराणसी, आजमगढ़, मऊ और कुशीनगर समेत कई जिलों की पुलिस से संपर्क साधा है।
आशंका जताई जा रही है कि इस गिरोह का नेटवर्क काफी बड़ा है और इसमें कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मुख्य सरगना को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा। फिलहाल जांच जारी है और संदिग्धों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।