इसी दौरान आसपास मौजूद एंटी करप्शन टीम के प्रभारी संतोष दीक्षित ने अपनी टीम के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया और कानूनगो का हाथ पानी से धोते ही नोट में लगा रंग गिरना शुरू हो गया। इसके बाद वहां कुछ ही देर में भीड़ इकट्ठी हो गई। भीड़ को देख एंटी करप्शन की टीम ने कानूनगो को अपनी गाड़ी में बैठाया और सीधे सदर कोतवाली लेकर चली आई।
यहां कानूनी कार्यवाही और पूछताछ के बाद कानूनगो को अपने साथ वाराणसी लेकर चली गई। टीम में उप निरीक्षक ओमप्रकाश यादव, मुख्य आरक्षी नरेंद्र सिंह, विजय प्रधान, सुनील यादव आदि मौजूद रहे। तहसील कर्मियों की मानें तो कानूनगो राजेंद्र गुप्ता आगामी 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले थे।