प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ सिंह ने कहा कि मरीजों को घर पर ही उपचार की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। इसके लिए सरकार टेली मेडिसिन की सुविधा उपलब्ध कराने जा रही है। इस व्यवस्था के तहत मरीज को टोल फ्री नंबर पर काल कर अपनी समस्या बतानी होगी।
पहले तो उन्हें स्वास्थ्य परामर्श दिया जाएगा। उससे भी लाभ नहीं हुआ तो डाक्टर घर पर जाकर इलाज करेंगे और ब्लड के नमूने लिए जाएंगे। फिर भी लाभ नहीं हुआ तो मरीज को अस्पताल ले जाएंगे। उन्होंने स्वास्थ विभाग के अधिकारियों और अस्पताल प्रभारियों के साथ समीक्षा बैठक किया।
समीक्षा में चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी सामने आई। उन्होंने इसका ठीकरा पूर्व की सरकार पर फोड़ते हुए कहा कि पिछली सरकार प्राईवेट अस्पतालों को बढ़ावा देने के लिए सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों और पैरा मेडिकल की भर्ती ही नहीं किया।
कलेक्ट्रेट सभागार में पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में सात हजंार डाक्टरों एवं तकरीबन 2200 पैरा मेडिकल स्टाफ की कमी है। अब सरकार इसे सुधारने के लिए अस्पतालो में शाम को भी ओपीडी की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है।
शाम को मरीजो का इलाज करने वाले चिकित्सक को अलग से भुगतान किया जायेगा। जिसके कारण जहां मरीजो का इलाज बेहतर ढंग से किया जायेगा वही शाम को सरकारी डाक्टरों द्वारा की जाने वाली प्रैक्टिस पर लगाम लगेगी।
सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि मरीजो की जान बचाने के लिए प्राईवेट डाक्टरो का भी सहयोग लेने की योजना चल रही है। प्राईवेट नर्सिगिं होम के डाक्टरों से कहा गया है कम से कम एक सप्ताह में चार घंटे वे सरकारी अस्पतालों में मरीजो का इलाज करें। इसके लिए उन्हे भुगतान किया जाएगा।